संपूर्ण मानव समाज में ,अगर कोई सबसे अच्छी अवस्था, सबसे ईमानदार, सरल, सुंदर , मधुर ,कोई है तो वह है बचपन ... छोटे-छोटे बच्चे निसंदेह प्रेम के पात्र होते हैं,
आज विश्व बाल दिवस है आज सभी को चाहिए चाहे बच्चे अपने हो या पराए हो ,उनको प्रसन्न करने का , उनको भेंट देने का प्रयास होना चाहिए, यह कार्य संपूर्ण विश्व में एक साथ होना चाहिए ,
इस विषय में हमने तो यहां तक पढ़ा है कि अगर कोई छोटे बच्चों को उसके पसंद की मिठाई खिलाता है, तो गोदान का फल होता है, छोटे बच्चे योगियों की तरह निश्छल, निर्मल, और पवित्र होते हैं, इनको प्रसन्न करना भगवान की प्रसन्नता का कारण बनता है ।......... ......... सतानंद पाठक शिक्षक पवई पन्ना मध्य प्रदेश

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