*रोटेदा, 19 अप्रैल 2026:*
भगवान परशुराम जयन्ती के पावन अवसर पर रविवार, 19 अप्रैल को रोटेदा स्थित 'काव्य कुंज' में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह गोष्ठी अखिल भारतीय साहित्य परिषद् कापरेन एवं हाड़ीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य व संस्कृति समिति रोटेदा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। समिति की यह लगातार तीसरी काव्य गोष्ठी थी।
*कार्यक्रम की अध्यक्षता* समाजसेवी मयंक जैन ने की। *मुख्य अतिथि* के रूप में अखिल भारतीय साहित्य परिषद् कापरेन के अध्यक्ष सत्यप्रकाश गौतम एवं *विशिष्ट अतिथि* के रूप में रामकिशन गोचर उपस्थित रहे।
गोष्ठी का शुभारम्भ हाड़ीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य अर संस्कृति मंच रोटेदा के संस्थापक संरक्षक देवकी दर्पण ने राष्ट्रवंदना _"लक्ष्य प्रथम मेरा राष्ट्र सदा हो, वन्दना माता की गाता रहूँ मैं..."_ से किया।
काव्य पाठ में लोकेश आजाद ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं में जोश भर दिया, साथ ही मजदूर वर्ग की पीड़ा को भी स्वर दिया। मुख्य अतिथि सत्यप्रकाश गौतम ने हास्य पैरोडियों से सभी को खूब गुदगुदाया। पुष्कर चौधरी ने कथनी और करनी के अंतर पर मार्मिक व्यंग्य पढ़ा।
देवकी दर्पण ने हिन्दी गीत _"आओ भगवन परशुराम फिर हिन्दुस्थान बुलाता है"_ तथा राजस्थानी गीत _"सूरज लाई घणी फांकर्यो, अलख सूकर्यो प्राणी को। मरै तसायां घणां पखेरू, भरां परिण्डो पाणी को..."_ के माध्यम से ग्रीष्म ऋतु में पक्षियों के लिए परिण्डे बाँधने का संदेश दिया।
गोष्ठी का सफल संचालन दीपेश सुमन ने किया। उन्होंने _"म्हारा देस को करसाणो..."_ राजस्थानी गीत एवं हिन्दी छन्दों का सस्वर पाठ कर कार्यक्रम को ऊँचाई प्रदान की।
कार्यक्रम में क्षेत्र के साहित्य प्रेमी, रचनाकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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