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हिंदी साहित्य का इतिहास - महा-संकलन एवं परीक्षा ट्रिक्स
साहित्य
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हिंदी साहित्य का इतिहास एवं काव्यशास्त्र

कालक्रम, प्रामाणिक तिथियाँ, सूक्ष्म वर्गीकरण, रचनाएँ एवं अचूक स्मरण ट्रिक्स (Shortcuts) का अद्वितीय डिजिटल संकलन

परीक्षार्थी ध्यान दें: तैयारी को पुख्ता करने के लिए ऊपर दिए गए "याद रखने की ट्रिक्स छुपाएं" बटन का उपयोग करें। यह आपकी परीक्षा-स्मृति परीक्षण (Self-Testing) में मदद करेगा। सभी काव्यात्मक स्मरण सूत्र धुंधले हो जाएंगे ताकि आप स्वयं को परख सकें।

भाग 1: हिंदी साहित्य के प्रमुख कालखंड और उनके कवि

1. आदिकाल (वीरगाथा काल)

संवत् 1050 – 1375

ईस्वी सन्: 993 ई. - 1318 ई.

याद रखने की अचूक ट्रिक:

"अमीर चंद विद्या नाले में जा गिरी"

अमीर → अमीर खुसरो
चन्द → चन्दबरदाई
विद्या → विद्यापति
नाले में → नरपति नाल्ह
जा गिरी → जगनिक

अन्य कवि (पूरक सूची): दलपति विजय, शारङ्गधर

2. भक्तिकाल (पूर्व मध्यकाल)

संवत् 1375 – 1700

ईस्वी सन्: 1318 ई. - 1643 ई.

याद रखने की अचूक ट्रिक:

"तुलसी और मीरा, रहीम दास की कब्र में सूरजमुखी का रस जलाती है"

तुलसी और → तुलसीदास
मीरा → मीराबाई
रहीम → रहीम (अब्दुर्रहीम)
दास की → रैदास
कब्र में → कबीरदास
सूरजमुखी → सूरदास
रस → रसखान
जलाती है → मलिक मोहम्मद जायसी

भक्तिकाल की शाखाओं के अनुसार कवियों का सूक्ष्म वर्गीकरण

धारा / शाखा मुख्य कवि (याद रखने की ट्रिक/नाम)
ज्ञानाश्रयी (संत काव्य) कबीरदास, दादूदयाल, सुन्दरदास, मलूकदास, रैदास, गुरु नानकदेव
प्रेमाश्रयी (सूफी काव्य) मलिक मोहम्मद जायसी, कुतुबन, मंझन, उसमान, मुल्ला दाउद
रामाश्रयी (राम काव्य) तुलसीदास, अग्रदास, नाभादास, प्राणचन्द चौहान, हृदयराम
कृष्णाश्रयी (कृष्ण काव्य) सूरदास, कुम्भनदास, परमानन्द दास, कृष्णदास, छीतस्वामी, गोविन्दस्वामी, चतुर्भुजदास, नन्ददास

3. रीतिकाल (उत्तर मध्यकाल)

संवत् 1700 – 1900

ईस्वी सन्: 1643 ई. - 1843 ई.

याद रखने की अचूक ट्रिक:

"भिखारी दास की सेना ने बिहारी दास को भूखा मारकर आनन्द लिया"

भिखारीदास की → भिखारीदास
सेना ने → सेनापति
बिहारी → बिहारी लाल
दास को → केशवदास
भूखा → भूषण
मारकर → पद्माकर
आनन्द लिया → घनानन्द

रीतिकाल की प्रमुख काव्यधाराओं के अनुसार वर्गीकरण:

१. रीतिबद्ध कवि

चिंतामणि त्रिपाठी, केशवदास, मतिराम, भूषण, पद्माकर

२. रीतिसिद्ध कवि

बिहारी लाल

३. रीतिमुक्त कवि

घनानन्द, बोधा, आलम, ठाकुर, द्विजदेव

4. आधुनिक काल (गद्यकाल)

संवत् 1900 से अब तक

ईस्वी सन्: 1843 ई. से अब तक

क. भारतेन्दु युग (1850 ई. – 1900 ई.)

ट्रिक: "भारत प्रेम प्रताप जग-गो मिर्ज़ा ग़ालिब सु अंबिका नव दुर्गा राधा राधा" या "भारत दत्त जग का स्वामी है"

प्रमुख कवि: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (1850–1885), प्रेमघन (1855–1923), प्रतापनारायण मिश्र (1856–1894), जगमोहन सिंह (1857–1899), अम्बिकादत्त व्यास (1858–1900), नवनीत चतुर्वेदी, राधाकृष्ण दास (1868–1919), बालकृष्ण भट्ट, किशोरीलाल गोस्वामी।

ख. द्विवेदी युग (1900 ई. – 1920 ई.)

ट्रिक: "अयोध्या की शरण में मिला माखन और महाप्रसाद" या "जगन्नाथ श्री-राम मैथिली सिया गया अयोध्या नरेश लोचन"

प्रमुख कवि: जगन्नाथ दास 'रत्नाकर', श्रीधर पाठक, रामचरित उपाध्याय, अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', मैथिलीशरण गुप्त, सियारामशरण गुप्त, गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही', माखनलाल चतुर्वेदी, महावीरप्रसाद द्विवेदी, रामनरेश त्रिपाठी, लोचनप्रसाद पाण्डेय।

ग. छायावादी युग (1920 ई. – 1936 ई.)

ट्रिक: "महादेवी शंकर और राम ने सुमित्रा को सूर्य की छाया में आशीर्वाद दिया" या "प्रसाद का निराला पंथ महादेवी ने अपनाया"
जयशंकर प्रसाद (1889–1937) - छायावाद के 'ब्रह्मा'
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (1897–1962) - छायावाद के 'रुद्र'
सुमित्रानंदन पंत (1900–1970) - 'विष्णु'
महादेवी वर्मा (1907–1987) - छायावाद की 'शक्ति'

अन्य छायावादी कवि: डॉ. रामकुमार वर्मा

घ. प्रगतिवादी युग (1936 ई. – 1943 ई.)

ट्रिक: "राघव की सुमित्रा को केदारनाथ के निराले शिव के नाग ने गति से काटा"

प्रमुख कवि: रांगेय राघव, सुमित्रानंदन पंत, केदारनाथ अग्रवाल, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', शिवमंगल सिंह 'सुमन', नागार्जुन, रामधारी सिंह 'दिनकर', माखनलाल चतुर्वेदी।

ङ. प्रयोगवादी युग / तारसप्तक परंपरा (1943 ई. – 1950 ई.)

ट्रिक: "भारत में मेहनत और प्रयोग कर अज्ञेय और सक्सेना धर्मवीर को गिराकर मुक्त किया"

प्रमुख कवि: भारत भूषण अग्रवाल, नरेश मेहता, सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय', सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, धर्मवीर भारती, गिरिजाकुमार माथुर, गजानन माधव 'मुक्तिबोध', प्रभाकर माचवे, रामविलास शर्मा, नेमीचन्द्र जैन।

च. नई कविता (1950 ई. से अब तक)

ट्रिक: "श्रीकान्त ने दुष्यन्त को जगदीश और नारायण की वीरता की भावनात्मक कविता सुनाई"

प्रमुख कवि: श्रीकान्त वर्मा, दुष्यन्त कुमार, जगदीश गुप्त, कुँवर नारायण, रघुवीर सहाय, भवानी प्रसाद मिश्र, रामस्वरूप चतुर्वेदी, शमशेर बहादुर सिंह, लक्ष्मीकांत वर्मा।

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