राजस्थान धरोहर: प्राचीन नाम, लोक कलाएँ एवं हवेलियाँ
पधारो म्हारे देस - राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महा-संग्रह

राजस्थान धरोहर महा-इंडेक्स

ऐतिहासिक प्राचीन नाम, समृद्ध लोक कलाएं, हस्तशिल्प और नक्काशीदार हवेलियों का सबसे वृहद् डिजिटल संस्करण

520+

प्राचीन एवं प्रचलित नाम

205+

हस्तशिल्प व लोक कलाएँ

200+

ऐतिहासिक हवेलियाँ

50+

नवगठित जिलों का समीकरण

धरोहर ज्ञानवर्धक

राजस्थान का इतिहास त्याग और कला का अनुपम संगम है

चाहे वह युद्धभूमि में दिखाया गया अदम्य साहस हो, दीवारों पर उकेरी गई मीनाकारी हो, या एक ही रात में सूने हो गए कुलधरा गांव का रहस्य। आइए, नीचे दिए गए विशाल डेटाबेस से राजस्थान के चप्पे-चप्पे को जानें।

रैंडम धरोहर अन्वेषक

क्या आप आज की एक अनोखी कला या प्राचीन स्थान के बारे में जानना चाहते हैं?

खोज एवं फ़िल्टर कंसोल

राजस्थान के नगरों व क्षेत्रों के प्राचीन एवं प्रचलित नाम

क्र.सं. आधुनिक नगर / क्षेत्र प्राचीन / भौगोलिक नाम विशिष्ट उपनाम (भौगोलिक/सांस्कृतिक पहचान) वर्तमान जिला
राजस्थान संस्कृति संवर्धन

यह पोर्टल राजस्थान के दुर्गों, जिलों के बदलावों, प्राचीन भौगोलिक क्षेत्रों और अनमोल हस्तशिल्पों को संजोने और प्रचारित करने की एक अनूठी डिजिटल पहल है।

सांस्कृतिक उद्घोष

"धरती धोरां री, आ तो सुरगां ने सरमावे, ईं पर देव रमण ने आवे..."

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