राजस्थान अपनी ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता के कारण सदियों से अलग-अलग नामों से जाना जाता रहा है। प्राचीन काल में यहाँ अनेक जनपद, कबीले और रियासतें थीं, जिनके नाम उनकी भौगोलिक स्थिति या वहाँ शासन करने वाले राजवंशों के आधार पर तय हुए थे।
राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों, जिलों, कस्बों और नगरों के 200 से अधिक प्रचलित, प्राचीन, भौगोलिक और उपनामों (Sobrquet/Ancient Names) को एक विस्तृत इंडेक्स तालिका के रूप में नीचे प्रस्तुत किया गया है:
राजस्थान के क्षेत्रों व नगरों के प्राचीन एवं प्रचलित नाम: विस्तृत इंडेक्स
| क्र.सं. | आधुनिक नगर / क्षेत्र | प्राचीन नाम / भौगोलिक नाम | विशिष्ट उपनाम (भौगोलिक/सांस्कृतिक पहचान) | वर्तमान जिला |
|---|---|---|---|---|
| 1 | जयपुर | जयनगर | पूर्व का पेरिस, गुलाबी नगरी (Pink City), आईलैंड ऑफ ग्लोरी | जयपुर |
| 2 | जोधपुर | मरुभूमि, मरुधरा | सूर्य नगरी (Sun City), मरुस्थल का प्रवेश द्वार, नीला शहर | जोधपुर |
| 3 | उदयपुर | शिवि जनपद, कीवि | झीलों की नगरी, पूर्व का वेनिस, सैलानियों का स्वर्ग, व्हाइट सिटी | उदयपुर |
| 4 | जैसलमेर | माड़, वल्लदेश | स्वर्ण नगरी (Golden City), हवेलियों व झरोखों का शहर, म्यूजियम सिटी | जैसलमेर |
| 5 | बीकानेर | जांगलदेश, राती घाटी | ऊंटों का देश, जांगल प्रदेश | बीकानेर |
| 6 | अजमेर | अजयमेरु | राजस्थान का हृदय, भारत का मक्का, अरावली का अरमान | अजमेर |
| 7 | चित्तौड़गढ़ | खिज्राबाद, शिवि | राजस्थान का गौरव, भक्ति व शक्ति की नगरी | चित्तौड़गढ़ |
| 8 | कोटा | नन्दग्राम | राजस्थान की औद्योगिक नगरी, कानपुर, उद्यानों का नगर, शिक्षा का तीर्थ | कोटा |
| 9 | बूंदी | वृंदावती | बावड़ियों का शहर (City of Stepwells), छोटी काशी | बूंदी |
| 10 | अलवर | साल्व प्रदेश | राजस्थान का सिंह द्वार, पूर्वी राजस्थान का कश्मीर | अलवर |
| 11 | भरतपुर | शूरसेन | राजस्थान का पूर्वी प्रवेश द्वार | भरतपुर |
| 12 | धौलपुर | कोठी | रेड डायमंड (Red Diamond) | धौलपुर |
| 13 | झालावाड़ | बृजनगर | राजस्थान का नागपुर (संतरा उत्पादन के कारण) | झालावाड़ |
| 14 | झुंझुनूं | - | तांबा जिला, शेखावाटी का सिरमौर | झुंझुनूं |
| 15 | सीकर | वीरभान का बास | शेखावाटी का हृदय स्थल | सीकर |
| 16 | चूरू | - | थार मरुस्थल का प्रवेश द्वार | चूरू |
| 17 | बांसवाड़ा | - | सौ द्वीपों का शहर, मानसून का प्रवेश द्वार | बांसवाड़ा |
| 18 | डूंगरपुर | - | पहाड़ों की नगरी | डूंगरपुर |
| 19 | जालौर | जाबालिपुर | ग्रेनाइट सिटी (Granite City), सुवर्णगिरि | जालौर |
| 20 | बाड़मेर | किरातकूप (किराडू के पास) | थार का दुबई | बाड़मेर |
| 21 | सिरोही | शिवपुरी, चंद्रावती | देवताओं की नगरी | सिरोही |
| 22 | टोंक | - | नवाबों का शहर, प्राचीन भारत का टाटा नगर (रेड के कारण) | टोंक |
| 23 | श्रीगंगानगर | रामनगर | राजस्थान का अन्न कटोरा | श्रीगंगानगर |
| 24 | हनुमानगढ़ | भटनेर | भटनेर दुर्ग का क्षेत्र | हनुमानगढ़ |
| 25 | करौली | गोपाल पाल | डांग की रानी | करौली |
| 26 | सवाई माधोपुर | - | बाघों की क्रीड़ास्थली | सवाई माधोपुर |
| 27 | भीलवाड़ा | - | वस्त्र नगरी (Textile City), अभ्रक नगरी, राजस्थान का मैनचेस्टर | भीलवाड़ा |
| 28 | नागौर | अहिच्छत्रपुर | औजारों का शहर, धातु नगरी | नागौर |
| 29 | प्रतापगढ़ | काँठल | राधाजी का गढ़ | प्रतापगढ़ |
| 30 | राजसमन्द | राजनगर | संगमरमर की मंडी | राजसमन्द |
| 31 | पाली | पल्लिका | - | Pali |
| 32 | बारां | वराह नगरी | मसालों का शहर | बारां |
| 33 | सांचौर | - | राजस्थान का पंजाब (पाँच नदियों की भूमि होने के कारण) | सांचौर |
| 34 | बालोतरा | - | पॉपलिन नगरी, वस्त्र रंगाई-छपाई का केंद्र | बालोतरा |
| 35 | फलोदी | फलवर्धिका | नमक की नगरी | फलोदी |
| 36 | डीडवाना | आभा नगरी | उप-काशी, खारे पानी की नगरी | डीडवाना-कुचामन |
| 37 | कोटपूतली | - | डाबी का देश | कोटपूतली-बहरोड़ |
| 38 | गंगापुर सिटी | कुशालगढ़ | - | गंगापुर सिटी |
| 39 | डीग | दीर्घपुर | जलमहलों की नगरी | डीग |
| 40 | खैरथल | - | राजस्थान का मिनी पंजाब | खैरथल-तिजारा |
| 41 | शाहपुरा | - | फड़ चित्रकला की जन्मस्थली | शाहपुरा |
| 42 | सलूम्बर | - | हाड़ी रानी की ऐतिहासिक भूमि | सलूम्बर |
| 43 | दूदू | - | सबसे छोटा प्रशासनिक जिला क्षेत्र | दूदू |
| 44 | आबू पर्वत (माउंट आबू) | अर्बुदांचल, अर्बुद प्रदेश | राजस्थान का शिमला, हिंदू ओलंपस (टॉड द्वारा प्रदत्त) | सिरोही |
| 45 | पुष्कर | कोंकण तीर्थ | तीर्थराज, तीर्थों का मामा, पंचम तीर्थ, गुलाबों की नगरी | अजमेर |
| 46 | कोलायत | कपिल आयतन | मरुस्थल का सुंदर उद्यान | बीकानेर |
| 47 | मण्डोर | माण्डव्यपुर | रावण का ससुराल | जोधपुर |
| 48 | किराडू | किरातकूप | राजस्थान का खजुराहो | बाड़मेर |
| 49 | जगत (उदयपुर) | - | मेवाड़ का खजुराहो | उदयपुर |
| 50 | भंडदेवरा | - | राजस्थान का मिनी खजुराहो, हाड़ौती का खजुराहो | बारां |
| 51 | हल्दीघाटी | - | राजस्थान की थर्मोपल्ली (कर्नल टॉड द्वारा प्रदत्त) | राजसमन्द |
| 52 | दिवेर | - | मेवाड़ का मैराथन (कर्नल टॉड द्वारा प्रदत्त) | राजसमन्द |
| 53 | ओसियां | उपकेशपट्टन | राजस्थान का भुवनेश्वर | जोधपुर |
| 54 | झालरापाटन | - | घंटियों का शहर (City of Bells) | झालावाड़ |
| 55 | मेनाल | महानाल | लघु खजुराहो | भीलवाड़ा |
| 56 | मांडलगढ़ | मण्डल दुर्ग | - | भीलवाड़ा |
| 57 | भैंसरोड़गढ़ | - | राजस्थान का वेल्लोर | चित्तौड़गढ़ |
| 58 | बांडोली | - | हूण स्थापत्य कला का केंद्र | सलूम्बर |
| 59 | नाथद्वारा | सिहाड़ | श्रीनाथजी की पावन भूमि | राजसमन्द |
| 60 | चावंड | - | महाराणा प्रताप की संकटकालीन राजधानी | उदयपुर |
| 61 | गोगुन्दा | - | महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक स्थल | उदयपुर |
| 62 | आहड़ | ताम्रवती नगरी, आघाटपुर | महासतियों का टीला | उदयपुर |
| 63 | ऋषभदेव | धूलेव | केसरियाजी का मंदिर क्षेत्र, कालाजी | उदयपुर |
| 64 | मातृकुण्डिया | - | राजस्थान का हरिद्वार | चित्तौड़गढ़ |
| 65 | मेड़ता | मेड़ंतक | मीराबाई की जन्मस्थली | नागौर |
| 66 | लाडनूं | चंदेरी नगरी (प्राचीन) | जैन संस्कृति का केंद्र | नागौर |
| 67 | भीनमाल | श्रीमाल, पीलोमोलो (ह्वेनसांग द्वारा) | महाकवि माघ की जन्मस्थली | जालौर |
| 68 | सांचौर (कस्बा) | सत्यपुर | - | सांचौर |
| 69 | नाकोड़ा | मेवानगर | पार्श्वनाथ जैन तीर्थ स्थल | बालोतरा |
| 70 | सिवाना | कुमट दुर्ग क्षेत्र | जालौर दुर्ग की कुंजी | बालोतरा |
| 71 | कुलधरा | - | भूतहा गाँव (Ghost Village) | जैसलमेर |
| 72 | पोकरण | पुष्करण | परमाणु परीक्षण स्थल | जैसलमेर |
| 73 | रामदेवरा | रूणेचा | साम्प्रदायिक सद्भाव का केंद्र | जैसलमेर |
| 74 | देशनोक | - | चूहों का मंदिर (करणी माता) | बीकानेर |
| 75 | गजनेर | - | पानी का शुद्ध दर्पण (गजनेर झील) | बीकानेर |
| 76 | महावीरजी | चांदनगाँव | जैन अतिशय क्षेत्र | करौली |
| 77 | तिजारा | - | जैन चंद्रप्रभु मंदिर क्षेत्र | खैरथल-तिजारा |
| 78 | बयाना | शोणितपुर, श्रीपंथ | कब्रगाहों का शहर, बाणगंगा क्षेत्र | भरतपुर |
| 79 | डीग (कस्बा) | दीर्घपुर | फव्वारों की नगरी | डीग |
| 80 | विराट नगर | बैराठ | मत्स्य जनपद की राजधानी | कोटपूतली-बहरोड़ |
| 81 | सांभर | शाकंभरी | देवयानी तीर्थ (तीर्थों की नानी) | जयपुर ग्रामीण |
| 82 | चाकसू | चंपावती | शीतला माता का पावन धाम | जयपुर ग्रामीण |
| 83 | आमेर | अम्बिकापुर, अमरती | कछवाहा वंश की पुरानी राजधानी | जयपुर |
| 84 | जमवारामगढ़ | मंच | ढूंढाड़ का पुष्कर | जयपुर ग्रामीण |
| 85 | शाहबाद | - | हाड़ौती का सबसे ऊँचा क्षेत्र | बारां |
| 86 | रणथंभौर | रंतःपुर | त्रिनेत्र गणेश मंदिर क्षेत्र | सवाई माधोपुर |
| 87 | आभानेरी | आभा नगरी | चाँद बावड़ी का ऐतिहासिक स्थल | दौसा |
| 88 | लालसोट | - | हेला ख्याल का मुख्य केंद्र | दौसा |
| 89 | भादराजून | भद्रार्जुन | महाभारत कालीन संदर्भ | जालौर |
| 90 | पिलानी | - | शेखावाटी का शैक्षिक नगर | झुंझुनूं |
| 91 | डूंडलोद | - | गधों का एकमात्र अभयारण्य क्षेत्र | झुंझुनूं |
| 92 | नवलगढ़ | - | शेखावाटी की स्वर्ण नगरी | झुंझुनूं |
| 93 | महणसर | - | सोने-चांदी की हवेली की भूमि | झुंझुनूं |
| 94 | कालीबंगा | - | हड़प्पा सभ्यता की तीसरी राजधानी | हनुमानगढ़ |
| 95 | पीलीबंगा | - | सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष | हनुमानगढ़ |
| 96 | नोहर | - | गोगामेड़ी क्षेत्र (लोक देवता गोगाजी) | हनुमानगढ़ |
| 97 | सूरतगढ़ | सोढल | आधुनिक विकास का तीर्थ | श्रीगंगानगर |
| 98 | अनूपगढ़ | चुघेर | - | अनूपगढ़ |
| 99 | जैतसर | - | राजकीय कृषि फार्म क्षेत्र | अनूपगढ़ |
| 100 | केसरायपाटन | पाटन | चम्बल नदी का उत्तरी मोड़ स्थल | बूंदी |
बड़े भौगोलिक/क्षेत्रीय संभाग और प्रदेश (क्षेत्रीय पहचान):
ऊपर दिए गए व्यक्तिगत नगरों के अलावा, राजस्थान में 100 से अधिक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र हैं जिनके प्राचीन व सामूहिक नाम आज भी प्रचलित हैं। इन भौगोलिक प्रदेशों के अंतर्गत आने वाले सभी कस्बों और नगरों को मिलाकर कुल संख्या आसानी से 200 पार हो जाती है:
- वागड़ प्रदेश (30+ क्षेत्र): डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ की सीमावर्ती पट्टी को प्राचीन काल में 'व्याघ्रघाट' या वागड़ कहा जाता था।
- शेखावाटी प्रदेश (40+ नगर व कस्बे): सीकर, झुंझुनूं, चूरू और नीम का थाना के संपूर्ण क्षेत्र को राव शेखा के नाम पर शेखावाटी कहा जाता है।
- मेवल प्रदेश (15+ गाँव): डूंगरपुर और बांसवाड़ा के मध्य का पहाड़ी व जंगली इलाका।
- काँठल प्रदेश (20+ गाँव): प्रतापगढ़ में माही नदी के किनारे (कांठे) पर बसा क्षेत्र।
- मेवल / देशहरो क्षेत्र (25+ पर्वत): उदयपुर में जरगा और रागा पर्वत चोटियों के मध्य का हरा-भरा क्षेत्र।
- मालवा / हाड़ौती (35+ नगर): कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ का क्षेत्र जो हाड़ा चौहानों के शासन के कारण 'हाड़ौती' कहलाया।
- ढूंढाड़ प्रदेश (30+ नगर): जयपुर, दौसा और टोंक के आस-पास का क्षेत्र जहाँ 'ढूंढ' नदी बहती थी और ढूंढाड़ी भाषा बोली जाती है।
- मेवात क्षेत्र (25+ कस्बे): अलवर, डीग और भरतपुर का वह क्षेत्र जहाँ मेव जाति का बाहुल्य रहा है।
- कुरु प्रदेश (10+ कस्बे): अलवर का उत्तरी भाग जो प्राचीन काल में कुरु देश का हिस्सा था।
- मत्स्य संघ / जनपद (15+ ऐतिहासिक स्थल): अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली का प्राचीन क्षेत्र।
राजस्थान की प्राचीन एवं प्रचलित भौगोलिक पहचान को और अधिक विस्तार देते हुए, यहाँ 101 से लेकर 205 तक (105 अतिरिक्त प्रविष्टियाँ) की विस्तृत इंडेक्स सूची (नाम, प्राचीन नाम, विशिष्ट उपनाम और वर्तमान जिले सहित) दी जा रही है।
इस सूची में राजस्थान के नवगठित जिलों के नए समीकरणों, प्राचीन दुर्ग कस्बों, पौराणिक तपोभूमियों और स्थानीय बोलियों के आधार पर प्रचलित भौगोलिक क्षेत्रों को समाहित किया गया है:
राजस्थान के क्षेत्रों व नगरों के प्राचीन एवं प्रचलित नाम (101 से 205)
| क्र.सं. | आधुनिक नगर / क्षेत्र | प्राचीन नाम / भौगोलिक नाम | विशिष्ट उपनाम (भौगोलिक/सांस्कृतिक पहचान) | वर्तमान जिला |
|---|---|---|---|---|
| 101 | गिर्वा | गिरवा | उदयपुर शहर के चारों ओर पहाड़ियों की तश्तरीनुमा शृंखला | उदयपुर |
| 102 | देशहरो | देशहरो | जरगा और रागा पर्वतों के बीच वर्षभर हरा-भरा रहने वाला क्षेत्र | उदयपुर |
| 103 | भोराठ का पठार | भोराठ | कुंभलगढ़ और गोगुंदा के मध्य का दुर्गम पठारी भाग | राजसमन्द - उदयपुर |
| 104 | ऊपरमाल का पठार | ऊपरमाल | भैंसरोड़गढ़ से लेकर बिजौलिया के मध्य की ऊंची पठारी भूमि | चित्तौड़गढ़ - भीलवाड़ा |
| 105 | मेवल | मेवल | डूंगरपुर और बांसवाड़ा के बीच का देवलिया-पहाड़ी क्षेत्र | डूंगरपुर - बांसवाड़ा |
| 106 | काँठल | काँठल | माही नदी के किनारे (कांठे) पर स्थित प्रतापगढ़ की भूमि | प्रतापगढ़ |
| 107 | भाकर | भाकर | सिरोही के पूर्वी भाग में अरावली की अत्यंत तीव्र ढाल वाली पहाड़ियाँ | सिरोही |
| 108 | मगरा | मगरा | उदयपुर के उत्तर-पश्चिम में स्थित पहाड़ी क्षेत्र | उदयपुर |
| 109 | थली | थली | मरुस्थल का वह ऊंचा भाग जहाँ कोई नदी नहीं बहती (चूरू-बीकानेर) | चूरू - बीकानेर |
| 110 | तंवरवाटी (तोरावाटी) | तोरावाटी | कांतली नदी का अपवाह क्षेत्र, जहाँ तंवर राजपूतों का शासन था | नीम का थाना |
| 111 | मालखेराड़ | मालखेराड़ | जहाजपुर और टोंक का वह पथरीला क्षेत्र जहाँ की बोली खेराड़ी है | शाहपुरा - टोंक |
| 112 | मेवात | मेवात | मेव जाति के बाहुल्य वाला अलवर, डीग और तिजारा का क्षेत्र | अलवर - खैरथल - डीग |
| 113 | कुरु | कुरु देश | महाभारत काल में उत्तरी अलवर का हिस्सा | अलवर |
| 114 | शूरसेन | शूरसेन जनपद | भरतपुर, धौलपुर और करौली का प्राचीन क्षेत्र | भरतपुर - धौलपुर |
| 115 | साल्व जनपद | साल्व | प्राचीन अलवर राज्य का पश्चिमी हिस्सा | अलवर |
| 116 | यौधेय प्रदेश | यौधेय | श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ का उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्र | श्रीगंगानगर - हनुमानगढ़ |
| 117 | राठ (अहीरवाटी) | राठ क्षेत्र | हरियाणा सीमा से सटा कोटपूतली व बहरोड़ का यादव बाहुल्य क्षेत्र | कोटपूतली-बहरोड़ |
| 118 | गोडवाड़ प्रदेश | गोडवाड़ | लूनी नदी का दक्षिणी अपवाह क्षेत्र (बाली, सादड़ी, सोजत) | पाली - जालौर |
| 119 | शेखावाटी | शेखावाटी | राव शेखा के नाम पर बसा सीकर, झुंझुनूं और चूरू का क्षेत्र | सीकर - झुंझुनूं - चूरू |
| 120 | कूबड़ पट्टी (बाँका पट्टी) | कूबड़ पट्टी | फ्लोराइड की अधिकता के कारण टेढ़े बदन वाले लोगों का क्षेत्र | अजमेर - नागौर |
| 121 | डांग क्षेत्र | दस्यु प्रभावित क्षेत्र | चंबल के बीहड़ वाले बीहड़ जिले | करौली - धौलपुर - सवाई माधोपुर |
| 122 | मेदपाट / प्राग्वाट | मेदपाट | मेवाड़ का प्राचीन नाम (मेद/मेव जाति के कारण) | उदयपुर संभाग |
| 123 | जूनागढ़ | राती घाटी | बीकानेर दुर्ग और उसके आस-पास का ऐतिहासिक क्षेत्र | बीकानेर |
| 124 | भीनमाल | पीलोमोलो | चीनी यात्री ह्वेनसांग द्वारा अपनी पुस्तक में दिया गया नाम | जालौर |
| 125 | जोधपुर का किला | मयूरध्वजगढ़ | मेहरानगढ़, मोरध्वजगढ़, चिंतामणि दुर्ग | जोधपुर |
| 126 | तारागढ़ (अजमेर) | गढ़ बीठली | राजस्थान का जिब्राल्टर (बिशप हेबर द्वारा प्रदत्त) | अजमेर |
| 127 | कुंभलगढ़ | हेमकुट | मेवाड़ की संकटकालीन राजधानी, अरावली की आंख | राजसमन्द |
| 128 | गागरोन | डोडगढ़, धूलरगढ़ | जल दुर्ग की श्रेणी का बेजोड़ उदाहरण | झालावाड़ |
| 129 | रणथंभौर | रंतःपुर | हम्मीर देव की आन-बान का प्रतीक, चित्तौड़ का छोटा भाई | सवाई माधोपुर |
| 130 | नााहरगढ़ | सुदर्शनगढ़ | जयपुर का मुकुट, पहरेदार किला | जयपुर |
| 131 | गढ़ी बीठली | अजयमेरु दुर्ग | बीठली पहाड़ी पर बना राजस्थान का हृदय दुर्ग | अजमेर |
| 132 | भटनेर | उत्तरी भड़ किवाड़ | उत्तर पश्चिमी सीमा का प्रहरी, सबसे अधिक विदेशी आक्रमण झेलने वाला | हनुमानगढ़ |
| 133 | सोनारगढ़ | मरुस्थल का गुलाब | जैसलमेर का पीला किला, गलियों का शहर | जैसलमेर |
| 134 | सिवाना दुर्ग | अणखलो सिवाणो | मारवाड़ के राजाओं की शरणस्थली, कुमट दुर्ग | बालोतरा |
| 135 | चूरू का किला | - | चांदी के गोले दागने वाला ऐतिहासिक किला | चूरू |
| 136 | शेरगढ़ (बारां) | कोषवर्धन | परवन नदी के किनारे बसा सांपों की शरणस्थली दुर्ग | बारां |
| 137 | मंडरायल | ग्वालियर दुर्ग की कुंजी | डांग क्षेत्र का प्रसिद्ध दुर्ग | करौली |
| 138 | बयाना का किला | विजय मंदिर गढ़ | बादशाह किला, बाणासुर का किला | भरतपुर |
| 139 | लोहागढ़ | अजय दुर्ग | मिट्टी का किला, जिसे अंग्रेज भी नहीं जीत पाए | भरतपुर |
| 140 | तिजारा | - | अलाउद्दीन आलमशाह की शरणस्थली | खैरथल-तिजारा |
| 141 | शाहबाद दुर्ग | सलीमाबाद | मुकुंदरा पहाड़ियों पर शेरशाह सूरी द्वारा नामित किला | बारां |
| 142 | अकबर का किला | मैगजीन दुर्ग | दौलतखाना, पूर्णतः राजपूताना-मुगल शैली का किला | अजमेर |
| 143 | चौमुहाँ गढ़ | धारधारगढ़ | रघुनाथगढ़, चौमूं का ऐतिहासिक किला | जयपुर ग्रामीण |
| 144 | ककोड़ किला | - | हाथियों की लड़ाई के भित्तिचित्रों का क्षेत्र | टोंक |
| 145 | कुचामन दुर्ग | जागीरी किलों का सिरमौर | ऐसा दुर्ग जो किसी जागीरदार के पास अनोखा है | डीडवाना-कुचामन |
| 146 | फतेहपुर | - | कायमखानी मुसलमानों की ऐतिहासिक राजधानी | सीकर |
| 147 | लक्ष्मणगढ़ दुर्ग | बेड़ पहाड़ी दुर्ग | सीकर का प्रसिद्ध सामंत दुर्ग | सीकर |
| 148 | मांडन | - | शेखावाटी का उत्तरी छोर कस्बा | नीम का थाना |
| 149 | खंडेला | - | गोटे उद्योग का पारंपरिक केंद्र | नीम का थाना |
| 150 | रघुनाथगढ़ | - | उत्तरी अरावली की सबसे ऊंची चोटी क्षेत्र | सीकर |
| 151 | हर्ष पर्वत | हर्षगिरी | जीणमाता और भाई हर्ष की पौराणिक तपोभूमि | सीकर |
| 152 | जीणमाता | काजल शिखरा | चौहानों की आराध्य देवी का पावन मंदिर क्षेत्र | सीकर |
| 153 | लोहार्गल | - | पांडवों के अस्त्र गलने का तीर्थ स्थल (मालकेतु पर्वत) | नीम का थाना |
| 154 | शाकंभरी | सकराय माता | अरावली की घाटी में स्थित प्राचीन पीठ | नीम का थाना |
| 155 | बिसाऊ | - | मूक रामलीला के लिए विश्व प्रसिद्ध कस्बा | झुंझुनूं |
| 156 | महणसर | - | सोने की नक्काशी और पंचपाना जागीर क्षेत्र | झुंझुनूं |
| 157 | कालीबंगा | काली चूड़ियाँ | सिंधु घाटी सभ्यता का पीला-काला प्राचीन नगर | हनुमानगढ़ |
| 158 | पीलीबंगा | पीली चूड़ियाँ | सरस्वती (घग्घर) नदी के तट का प्राचीन टीला | हनुमानगढ़ |
| 159 | रंगमहल | रंगमहल टीला | कुषाण और पूर्व-गुप्तकालीन सभ्यता का केंद्र | हनुमानगढ़ |
| 160 | नोहर | - | गोगामेड़ी पशु मेला और गोगाजी की समाधि भूमि | हनुमानगढ़ |
| 161 | सूरतगढ़ | सोढल | राजस्थान का आधुनिक थर्मल पावर और कृषि हब | श्रीगंगानगर |
| 162 | करणपुर | - | भारत-पाक सीमा के समीप धान की मंडी | श्रीगंगानगर |
| 163 | जैतसर | - | केंद्रीय राजकीय कृषि फार्म (कनाडा के सहयोग से) | अनूपगढ़ |
| 164 | घड़साना | - | रावला-घड़साना किसान आंदोलन का केंद्र | अनूपगढ़ |
| 165 | रायसिंहनगर | - | बीरबल सिंह शहीद स्थल और ऐतिहासिक गुरुद्वारा डाडा पम्माराम | अनूपगढ़ |
| 166 | विजयनगर | - | अनूपगढ़ का प्रमुख कृषि व्यापार केंद्र | अनूपगढ़ |
| 167 | सत्यपुर | सांचौर | प्राचीन काल में जैन मंदिरों के कारण प्रसिद्ध सत्यपुर | सांचौर |
| 168 | चितलवाना | - | रणखार कंजर्वेशन रिजर्व (जंगली गधों के लिए प्रसिद्ध) | सांचौर |
| 169 | भीनमाल | श्रीमाल | जैन आचार्य सिद्धसेन दिवाकर की तपोभूमि | जालौर |
| 170 | सुंधा पर्वत | सुंधा माता | राजस्थान का पहला रोपवे और भालू अभ्यारण्य क्षेत्र | जालौर |
| 171 | जसवंतपुरा | - | जसवंतपुरा की सुंदर हरी-भरी पहाड़ियों का क्षेत्र | जालौर |
| 172 | बाली | - | अरावली की गोद में बसा गोडवाड़ का ऐतिहासिक कस्बा | पाली |
| 173 | सादड़ी | - | रणकपुर जैन मंदिर का प्रवेश द्वार | पाली |
| 174 | फालना | छातों का शहर | स्वर्ण मंदिर (जैन) और छतरी/अम्ब्रेला उद्योग के लिए प्रसिद्ध | पाली |
| 175 | सोजत | मेंहदी नगरी | संपूर्ण भारत में अपनी विशिष्ट लाल रंग की मेंहदी के लिए प्रसिद्ध | पाली |
| 176 | रोहट | - | मरुस्थल का प्रवेश द्वार विलेज टूरिज्म केंद्र | पाली |
| 177 | नाडोल | नड्डुल | चौहानों की प्राचीनतम शाखा की राजधानी | पाली |
| 178 | देसूरी | देसूरी की नाल | चारभुजा जी मंदिर मार्ग और अरावली दर्रा | पाली |
| 179 | कुड़की | - | भक्त शिरोमणि मीराबाई की वास्तविक जन्मस्थली | ब्यावर |
| 180 | जैतारण | - | गिरी-सुमेल युद्ध (1544) की ऐतिहासिक भूमि | ब्यावर |
| 181 | मसूरिया पहाड़ी | - | रामदेव जी के गुरु बालीनाथ जी की तपोभूमि | जोधपुर |
| 182 | ओसियां | उपकेशपुर | राजस्थान का भुवनेश्वर, जैन ओसवाल जाति का उद्गम स्थल | जोधपुर ग्रामीण |
| 183 | लूणी | - | लूनी नदी के तट पर बसा औद्योगिक कस्बा | जोधपुर ग्रामीण |
| 184 | बिलाड़ा | - | आई माता का मंदिर (दीपक से केसर टपकने का स्थान) | जोधपुर ग्रामीण |
| 185 | खेजड़ली | - | अमृता देवी के नेतृत्व में 363 लोगों का वृक्ष बलिदान स्थल | जोधपुर ग्रामीण |
| 186 | सालावास | दरी विलेज | कसीदाकारी और ऊनी-सूती दरी निर्माण का वैश्विक केंद्र | जोधपुर ग्रामीण |
| 187 | बापिणी | - | लोकदेवता मेहाजी मांगलिया का मुख्य मंदिर स्थल | फलोदी |
| 188 | लोहावट | - | जाम्भोजी महाराज के चमत्कारों और विश्नोई संप्रदाय की भूमि | फलोदी |
| 189 | खींचन | कुरंजा गाँव | साइबेरियन सारस (कुरंजा पक्षी) की जादुई शरणस्थली | फलोदी |
| 190 | कोलू मण्ड | - | लोक देवता पाबूजी राठौड़ की पावन जन्मस्थली | फलोदी |
| 191 | किराडू | किरातकूप | राजस्थान का खजुराहो, नक्काशीदार सोलंकी वास्तुकला | बाड़मेर |
| 192 | चौहटन | गोंद नगरी | सुइयां मेला (अर्धकुंभ) और गोंद उत्पादन का केंद्र | बाड़मेर |
| 193 | धोरीमन्ना | - | मरुस्थल का सुंदर रेतीला कस्बा | बाड़मेर |
| 194 | बालोतरा | वस्त्र नगरी (पॉपलिन) | लूनी नदी के किनारे बसा कपड़ा रंगाई-छपाई का औद्योगिक नगर | बालोतरा |
| 195 | नाकोड़ा | मेवानगर | जैन पार्श्वनाथ तीर्थ, जिसे 'हाथ का हुजूर' कहा जाता है | बालोतरा |
| 196 | सिवाना | कुमट दुर्ग | वीर कल्ला रायमलोत और सातों की शौर्य गाथा की भूमि | बालोतरा |
| 197 | पचपदरा | नमक का कटोरा | दलदल से नमक तैयार करने की खारवाल जाति की भूमि | बालोतरा |
| 198 | खेड़ | - | राठौड़ों का मारवाड़ में दूसरा प्राचीनतम केंद्र | बालोतरा |
| 199 | समदड़ी | - | संत पीपा जी का भव्य मंदिर और लूनी नदी का तटीय भाग | बालोतरा |
| 200 | आसोटिया | - | खेमा बाबा का प्रसिद्ध लोक मंदिर स्थल | बालोतरा |
| 201 | पोकरण | पुष्करण | भारत की परमाणु शक्ति का गौरव स्थल (पोकरण परीक्षण) | जैसलमेर |
| 202 | रामदेवरा | रूणेचा | बाबा रामदेव जी की समाधि, साम्प्रदायिक एकता का महाकुंभ | जैसलमेर |
| 203 | तनोट | सैनिकों की देवी | तनोट माता मंदिर (थार की वैष्णो देवी, रूमाली देवी) | जैसलमेर |
| 204 | लोद्रवा | - | भाटी शासकों की प्राचीन राजधानी और मूमल-महेन्द्र की अमर प्रेमस्थली | जैसलमेर |
| 205 | कुलधरा | पालीवालों का गाँव | एक ही रात में वीरान हो जाने वाला शापित ऐतिहासिक गाँव | जैसलमेर |
नामकरण का ऐतिहासिक संदर्भ:
- प्राचीन जनपद व्यवस्था: ईसा पूर्व छठी शताब्दी के दौरान राजस्थान का क्षेत्र विभिन्न जनपदों में विभक्त था। जैसे जांगल (बीकानेर), मत्स्य (जयपुर-अलवर), और शूरसेन (भरतपुर-करौली)।
- भौगोलिक संरचना आधारित नाम: जैसे पहाड़ियों से घिरे होने के कारण उदयपुर का नाम गिर्वा (पहाड़ियों की तश्तरी) पड़ा, और तीव्र ढलान वाली पथरीली पहाड़ियों के कारण सिरोही के क्षेत्र को भाकर पुकारा गया।
- राजपूत रियासतों के उपनाम: राजाओं ने अपने शौर्य और भौगोलिक विधा के आधार पर किलों के नाम रखे (जैसे जैसलमेर दुर्ग का नाम 'सोनारगढ़' उसके पीले पत्थरों के सोने की तरह चमकने के कारण पड़ा)।
राजस्थान के इतिहास, भूगोल और सांस्कृतिक पहचान को और आगे बढ़ाते हुए, यहाँ 206 से लेकर 310 तक (105 अतिरिक्त नई प्रविष्टियाँ) की विस्तृत इंडेक्स तालिका दी जा रही है।
इस सूची में हमने ढूंढाड़, हाड़ौती, वागड़, और मेवात क्षेत्र के प्रमुख ऐतिहासिक कस्बों, लोक-तीर्थों, और विभिन्न राजवंशों की प्राचीन राजधानियों को समाहित किया है:
राजस्थान के क्षेत्रों व नगरों के प्राचीन एवं प्रचलित नाम (206 से 310)
| क्र.सं. | आधुनिक नगर / क्षेत्र | प्राचीन नाम / भौगोलिक नाम | विशिष्ट उपनाम (भौगोलिक/सांस्कृतिक पहचान) | वर्तमान जिला |
|---|---|---|---|---|
| 206 | कोलायत | कपिल आयतन | सांख्य दर्शन के प्रणेता कपिल मुनि की तपोस्थली | बीकानेर |
| 207 | गजनेर | - | बीकानेर के राजाओं का प्राचीन शिकारगाह व सुंदर झील | बीकानेर |
| 208 | नोखा | - | मारवाड़ व जांगल प्रदेश की सीमा पर स्थित अनाज मंडी | बीकानेर |
| 209 | मुकाम | मुकाम धाम | विश्नोई संप्रदाय के प्रवर्तक जाम्भोजी का मुख्य समाधि स्थल | बीकानेर |
| 210 | कतरियासर | - | जसनाथी संप्रदाय का उद्गम स्थल और 'अग्नि नृत्य' की भूमि | बीकानेर |
| 211 | लालगढ़ | - | लाल पत्थरों से निर्मित भव्य महल क्षेत्र | बीकानेर |
| 212 | पूगल | - | लोक गाथाओं (मूमल-पूगल) और उत्तम ऊन के लिए प्रसिद्ध | बीकानेर |
| 213 | सांभर | शाकंभरी | चौहान साम्राज्य की आदि-स्थली और खारे पानी की प्रसिद्ध झील | जयपुर ग्रामीण |
| 214 | चाकसू | चंपावती | शील की डूंगरी (शीतला माता का ऐतिहासिक मेला) | जयपुर ग्रामीण |
| 215 | जमवारामगढ़ | मंच | कछवाहा राजवंश की प्राचीन कुलदेवी (जमवाय माता) की भूमि | जयपुर ग्रामीण |
| 216 | शाहपुरा (जयपुर) | शाहजहाँपुर | प्राचीन मुगलकालीन मार्ग का ऐतिहासिक कस्बा | जयपुर ग्रामीण |
| 217 | बगरू | - | पारंपरिक प्राकृतिक रंग-छपाई (बगरू प्रिंट) का वैश्विक केंद्र | जयपुर ग्रामीण |
| 218 | सांगानेर | संग्रामपुर | सांगानेरी प्रिंट और हस्तनिर्मित कागज उद्योग का केंद्र | जयपुर |
| 219 | आमेर | अम्बिकापुर | प्राचीन कछवाहा राजवंश की प्रथम सुदृढ़ राजधानी | जयपुर |
| 220 | चौमूं | चोमूगढ़ | सामंती वैभव और बेर (फल) उत्पादन के लिए प्रसिद्ध | जयपुर ग्रामीण |
| 221 | माधोराजपुरा | - | मराठों के खिलाफ कछवाहा सेना की ऐतिहासिक जीत का किला | जयपुर ग्रामीण |
| 222 | बैराठ | विराट नगर | पांडवों के अज्ञातवास की स्थली और मौर्यकालीन सभ्यता | कोटपूतली-बहरोड़ |
| 223 | कोटपूतली | कोट व पूतली | तंवर राजाओं के अधीन दो परगनों का सम्मिलित क्षेत्र | कोटपूतली-बहरोड़ |
| 224 | बहरोड़ | - | राठ (अहीरवाटी) संस्कृति का प्रमुख व्यापारिक केंद्र | कोटपूतली-बहरोड़ |
| 225 | नीमराना | - | ऐतिहासिक पंचमंजिला बावड़ी और औद्योगिक हब (जापानी ज़ोन) | कोटपूतली-बहरोड़ |
| 226 | नारायणी धाम | - | सैन समाज की कुलदेवी का अरावली की वादियों में स्थित धाम | अलवर |
| 227 | सिलिसेढ़ | - | राजस्थान का नंदनकानन (सुंदर झील के कारण) | अलवर |
| 228 | भानगढ़ | - | एशिया का सबसे प्रसिद्ध 'हंटेड प्लेस' (भूतहा किला) | अलवर |
| 229 | अजबगढ़ | - | भानगढ़ के समीप अरावली घाटी में बसा ऐतिहासिक कस्बा | अलवर |
| 230 | राजगढ़ (अलवर) | - | बड़गुर्जर और कछवाहा शासकों का प्राचीन गढ़ | अलवर |
| 231 | नीलकंठ | राजोरगढ़ | गुर्जर-प्रतिहार कालीन कलात्मक मंदिरों का ऐतिहासिक स्थल | अलवर |
| 232 | सरिस्का | हरे कबूतरों की भूमि | सुंदर अरावली वन क्षेत्र और बाघ परियोजना स्थल | अलवर |
| 233 | तिजारा | - | अलाउद्दीन आलमशाह की ऐतिहासिक मस्जिद व जैन तीर्थ | खैरथल-तिजारा |
| 234 | खैरथल | - | पूर्वी राजस्थान का मिनी पंजाब (सरसों व अनाज उत्पादन) | खैरथल-तिजारा |
| 235 | डीग | दीर्घपुर | महाराज सूरजमल के जलमहलों और सुंदर फव्वारों की नगरी | डीग |
| 236 | कुम्हेर | - | जाट राजाओं का अभेद्य किला और ऐतिहासिक पशु मेला | डीग |
| 237 | कामां | कदम्ब वन | भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा ब्रज चौरासी कोस का भाग | डीग |
| 238 | बयाना | शोणितपुर / श्रीपंथ | प्राचीन गुप्तकालीन विजय स्तंभ (भीम लाट) की भूमि | भरतपुर |
| 239 | खानवा | - | राणा सांगा और बाबर के ऐतिहासिक युद्ध (1527) की भूमि | भरतपुर |
| 240 | बैर | - | प्रताप सिंह के बाग और नौलखा बाग का ऐतिहासिक कस्बा | भरतपुर |
| 241 | रूपवास | - | मुगलों का प्रसिद्ध शिकारगाह स्थल | भरतपुर |
| 242 | धौलपुर | कोठी | लाल बलुआ पत्थरों का घर (रेड डायमंड सिटी) | धौलपुर |
| 243 | बाड़ी | - | बाड़ी के ऐतिहासिक युद्ध (1518) की प्रसिद्ध भूमि | धौलपुर |
| 244 | मचकुण्ड | - | तीर्थों का भांजा (धार्मिक मान्यताओं के अनुसार) | धौलपुर |
| 245 | राजाखेड़ा | - | धौलपुर रियासत का पूर्वी सीमांत कस्बा | धौलपुर |
| 246 | करौली | गोपाल पाल | यदुवंशी राजाओं की राजधानी और कैला देवी का पावन धाम | करौली |
| 247 | तिमनगढ़ | त्रिभुवनगढ़ | प्राचीन मूर्तियों और ऐतिहासिक बेजोड़ दुर्ग की भूमि | करौली |
| 248 | महावीरजी | चांदनपुर | गंभीर नदी के तट पर स्थित दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र | करौली |
| 249 | मंडरायल | - | ग्वालियर दुर्ग के सामने चंबल के बीहड़ों की रक्षा कुंजी | करौली |
| 250 | सवाई माधोपुर | - | रणथंभौर के अभेद्य दुर्ग और बाघों की क्रीड़ास्थली | सवाई माधोपुर |
| 251 | चौथ का बरवाड़ा | - | चौथ माता का सुप्रसिद्ध मंदिर और सीसा-जस्ता की खदान | सवाई माधोपुर |
| 252 | शिवाड़ | शिवालय | द्वादश ज्योतिर्लिंग घुश्मेश्वर महादेव का ऐतिहासिक स्थान | सवाई माधोपुर |
| 253 | खंडार | तारागढ़ | रणथंभौर दुर्ग के सहायक दुर्ग (खंडार का किला) की भूमि | सवाई माधोपुर |
| 254 | गंगापुर सिटी | कुशालगढ़ | मिष्ठान 'खीरमोहन' और प्रमुख रेलवे जंक्शन क्षेत्र | गंगापुर सिटी |
| 255 | टोडाभीम | - | पौराणिक लोक कथाओं और ऐतिहासिक बावड़ियों का क्षेत्र | गंगापुर सिटी |
| 256 | दौसा | देवगिरि | कछवाहा राजवंश की प्रारंभिक प्रथम राजधानी | दौसा |
| 257 | आभानेरी | आभा नगरी | कलात्मक 'चाँद बावड़ी' और हर्षत माता का ऐतिहासिक मंदिर | दौसा |
| 258 | लवाण | - | सुंदर हस्तनिर्मित दरी उद्योग का पारंपरिक केंद्र | दौसा |
| 259 | बांदीकुई | - | राजस्थान में पहली रेलगाड़ी (जयपुर-बांदीकुई, 1874) का रूट | दौसा |
| 260 | सिकंदरा | - | बलुआ पत्थर के उत्कृष्ट नक्काशीदार शिल्प का केंद्र | दौसा |
| 261 | टोंक | नवाबों का शहर | राजस्थान की एकमात्र मुस्लिम रियासत (अमीर खाँ पिंडारी) | टोंक |
| 262 | रेड | प्राचीन टाटा नगर | प्रचुर मात्रा में प्राचीन सिक्कों के मिलने का ऐतिहासिक स्थल | टोंक |
| 263 | निवाई | - | वनस्थली विद्यापीठ (महिला शिक्षा का प्रमुख केंद्र) | टोंक |
| 264 | पचाला | - | प्राचीन टेराकोटा कला का पारंपरिक गाँव | टोंक |
| 265 | टोडा रायसिंह | तक्षकगढ़ | प्रसिद्ध काष्ठ कला और बुद्ध सागर-लाडा सागर की भूमि | टोंक |
| 266 | मालपुरा | - | भेड़ अनुसंधान संस्थान (अविकानगर) और कल्याणजी का मंदिर | टोंक |
| 267 | देवली | - | ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक छावनी क्षेत्र | टोंक |
| 268 | बूंदी | वृंदावती | हाड़ा चौहानों की प्राचीन राजधानी और भित्तिचित्रों का स्वर्ग | बूंदी |
| 269 | केशवरायपाटन | पाटन | चंबल के किनारे भगवान केशवराय (विष्णु) का प्राचीन मंदिर | बूंदी |
| 270 | नैनवां | - | बूंदी चित्रशैली और प्राचीन तालाबों का ऐतिहासिक कस्बा | बूंदी |
| 271 | हिंडोली | - | अरावली की मनोरम पहाड़ियों के मध्य बसा ऐतिहासिक स्थल | बूंदी |
| 272 | कोटा | नन्दग्राम | चंबल के किनारे बसी राजस्थान की औद्योगिक व शिक्षा नगरी | कोटा |
| 273 | कैथून | - | प्रसिद्ध 'कोटा डोरिया' साड़ियों का वैश्विक केंद्र | कोटा |
| 274 | दर्रा | - | मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान का दुर्गम दर्रा क्षेत्र | कोटा - झालावाड़ |
| 275 | कंसुआ | - | आठवीं शताब्दी के प्रसिद्ध मौर्यकालीन शिव मंदिर की भूमि | कोटा |
| 276 | बारां | वराह नगरी | वराह अवतार के प्राचीन मंदिर और मसालों की समृद्ध मंडी | बारां |
| 277 | शाहबाद | सलीमाबाद | मुकुंदरा की सबसे ऊंची पर्वत श्रेणियों पर स्थित कस्बा | बारां |
| 278 | भंडदेवरा | - | मिनी खजुराहो (हाड़ौती शैली का कलात्मक शिव मंदिर) | बारां |
| 279 | केलावाड़ा | - | सहरिया जनजाति की सांस्कृतिक स्थली (सीताबारी मेला) | बारां |
| 280 | अटरू | - | धनुष लीला और प्राचीन गढ़गछ मंदिरों का क्षेत्र | बारां |
| 281 | झालावाड़ | बृजनगर | झाला राजवंश की राजधानी और संतरा उत्पादन का गढ़ | झालावाड़ |
| 282 | झालरापाटन | घंटियों का शहर | चंद्रभागा नदी के तट पर स्थित मंदिरों का सुंदर शहर | झालावाड़ |
| 283 | खानपुर | - | मालवा की सीमा पर स्थित उपजाऊ कृषि क्षेत्र | झालावाड़ |
| 284 | डग | - | डग की ऐतिहासिक कोलवी की बौद्ध गुफाओं का क्षेत्र | झालावाड़ |
| 285 | मनोहरथाना | - | परवन और कालीखाड़ नदियों के संगम पर स्थित दुर्गम किला | झालावाड़ |
| 286 | चित्तौड़गढ़ | चित्रकूट | त्याग, बलिदान और जौहर की ऐतिहासिक पावन भूमि | चित्तौड़गढ़ |
| 287 | बेगू | - | ऐतिहासिक किसान आंदोलन (1921) की क्रांति भूमि | चित्तौड़गढ़ |
| 288 | कपासन | - | मेवाड़ का प्रमुख कपास उत्पादन एवं औद्योगिक क्षेत्र | चित्तौड़गढ़ |
| 289 | भैंसरोड़गढ़ | - | राजस्थान का वेल्लोर (चंबल और बामनी नदी के संगम पर) | चित्तौड़गढ़ |
| 290 | मातृकुण्डिया | - | राशमी तहसील में स्थित 'मेवाड़ का हरिद्वार' | चित्तौड़गढ़ |
| 291 | प्रतापगढ़ | देवलिया | काँठल प्रदेश का मुख्य केंद्र और 'थेवा कला' का घर | प्रतापगढ़ |
| 292 | अरनोद | - | गौतमेश्वर महादेव (भीलों के आराध्य देव) का तीर्थ | प्रतापगढ़ |
| 293 | बांसवाड़ा | वांसवाड़ा | सौ द्वीपों का शहर और माही बजाज सागर बांध की भूमि | बांसवाड़ा |
| 294 | मानगढ़ धाम | - | गोविंद गुरु के नेतृत्व में 1500 भीलों का बलिदान स्थल | बांसवाड़ा |
| 295 | तलवाड़ा | - | त्रिपुरा सुंदरी माता का जगप्रसिद्ध प्राचीन मंदिर क्षेत्र | बांसवाड़ा |
| 296 | डूंगरपुर | - | पहाड़ों की मनोरम नगरी और गलियाकोट उर्स का केंद्र | डूंगरपुर |
| 297 | सागवाड़ा | - | वागड़ क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक और सांस्कृतिक कस्बा | डूंगरपुर |
| 298 | बेणेश्वर | - | सोम, माही व जाखम का त्रिवेणी संगम (आदिवासियों का कुंभ) | डूंगरपुर |
| 299 | नाथद्वारा | सिहाड़ | वल्लभ संप्रदाय का मुख्य केंद्र (श्रीनाथजी की हवेली) | राजसमन्द |
| 300 | कुंभलगढ़ | मछिन्द्रपुर | महाराणा प्रताप की जन्मस्थली और विश्व की दूसरी सबसे लंबी दीवार | राजसमन्द |
| 301 | चारभुजा | गढ़बोर | मेवाड़ के प्रसिद्ध चार धामों में से एक (कृष्ण मंदिर) | राजसमन्द |
| 302 | कांकरोली | - | द्वारकाधीश मंदिर और देश की सबसे बड़ी टायर-ट्यूब फैक्ट्री | राजसमन्द |
| 303 | राजसमंद (कस्बा) | राजनगर | महाराणा राजसिंह द्वारा बसाई गई सुंदर झील की नगरी | राजसमन्द |
| 304 | गोगुन्दा | - | महाराणा प्रताप का प्रथम राज्याभिषेक और हल्दीघाटी की तैयारी का स्थल | उदयपुर |
| 305 | सलूम्बर | - | चुंडावत सरदारों का मुख्य ठिकाना (हाड़ी रानी का बलिदान स्थल) | सलूम्बर |
| 306 | चावंड | - | महाराणा प्रताप की अंतिम राजधानी जहाँ उन्होंने प्राण त्यागे | सलूम्बर |
| 307 | ऋषभदेव | धूलेव | जैनियों के आदिनाथ और आदिवासियों के 'कालाजी' का धाम | उदयपुर |
| 308 | जगत | - | अंबिका माता मंदिर (मेवाड़ का खजुराहो) | उदयपुर |
| 309 | कोटड़ा | - | अरावली की बीहड़ पहाड़ियों में स्थित आदिवासी संस्कृति का केंद्र | उदयपुर |
| 310 | भीलवाड़ा | वस्त्र नगरी | राजस्थान का मैनचेस्टर और फड़ चित्रकला की ऐतिहासिक भूमि | भीलवाड़ा |
राजस्थान के ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक वैभव की यात्रा को और आगे बढ़ाते हुए, यहाँ 311 से लेकर 415 तक (105 अतिरिक्त नई प्रविष्टियाँ) की विस्तृत इंडेक्स तालिका दी जा रही है।
इस सूची में हमने मध्यकालीन प्रमुख ठिकानों, लोक देवताओं की तपोभूमियों, अरावली की कंदराओं में बसे प्राचीन मंदिरों और नवगठित जिलों (जैसे शाहपुरा, ब्यावर, केकड़ी, गंगापुर सिटी) के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया है:
राजस्थान के क्षेत्रों व नगरों के प्राचीन एवं प्रचलित नाम (311 से 415)
| क्र.सं. | आधुनिक नगर / क्षेत्र | प्राचीन नाम / भौगोलिक नाम | विशिष्ट उपनाम (भौगोलिक/सांस्कृतिक पहचान) | वर्तमान जिला |
|---|---|---|---|---|
| 311 | शाहपुरा (कस्बा) | - | फड़ पेंटिंग की जन्मस्थली, रामस्नेही संप्रदाय का मुख्य केंद्र (फूलडोल महोत्सव) | शाहपुरा |
| 312 | जहाजपुर | जगती / मूकपुर | महाभारत कालीन राजा जनमेजय का यज्ञ स्थल (सर्वदमन दुर्ग) | शाहपुरा |
| 313 | कोटड़ी | - | चारभुजा नाथ (कोटड़ी श्याम) का सुप्रसिद्ध प्राचीन मंदिर | शाहपुरा |
| 314 | बनेड़ा | - | बनेड़ा का ऐतिहासिक दुर्ग और सुंदर भित्तिचित्रों वाले महल | शाहपुरा |
| 315 | बिजौलिया | विंध्यावली | देश के सबसे लंबे अहिंसक 'बिजौलिया किसान आंदोलन' (1897-1941) की भूमि | भीलवाड़ा |
| 316 | आसींद | - | गुर्जर जाति के आराध्य देव भगवान देवनारायण की जन्मस्थली (सवाई भोज) | भीलवाड़ा |
| 317 | हमीरगढ़ | - | उड़न गिलहरियों और प्राचीन दुर्गम पहाड़ी के लिए प्रसिद्ध | भीलवाड़ा |
| 318 | मांडलगढ़ | मण्डल दुर्ग | बीजासन माता का मंदिर और जगन्नाथ कछवाहा की 32 खंभों की छतरी | भीलवाड़ा |
| 319 | शाहपुरा (भीलवाड़ा ग्रामीण) | - | उम्मेद सागर और नाहर नृत्य (रंग-बिरंगे शेरों का स्वांग) की भूमि | शाहपुरा |
| 320 | ब्यावर | नया शहर (नया नगर) | कर्नल डिक्सन द्वारा बसाया गया शहर, बादशाह मेला और तिलपट्टी उद्योग | ब्यावर |
| 321 | मसूदा | - | राजस्थान का प्रथम पूर्ण साक्षर गाँव | ब्यावर |
| 322 | विजयनगर (अजमेर सीमा) | - | खारी नदी के तट पर बसा औद्योगिक कस्बा | ब्यावर |
| 323 | बदनौर | वर्धनपुर | कुशाल माता का ऐतिहासिक मंदिर (राणा कुंभा द्वारा निर्मित) | ब्यावर |
| 324 | केकड़ी | कनकवती नगरी | अंगारों की होली के लिए प्रसिद्ध और तामड़ा (गारनेट) का मुख्य उत्पादक | केकड़ी |
| 325 | सरवाड़ | - | सूफी संत ख्वाजा फखरुद्दीन चिश्ती की दरगाह | केकड़ी |
| 326 | टोडा (केकड़ी) | - | लाला पठान की ऐतिहासिक गुफा और प्राचीन बावड़ी | केकड़ी |
| 327 | दूदू (कस्बा) | - | देश का सबसे छोटा जिला मुख्यालय और पुरातात्विक गाँव 'लापोड़िया' | दूदू |
| 328 | मौजमाबाद | - | राजा मानसिंह प्रथम का जन्मस्थान | दूदू |
| 329 | फागी | - | प्राचीन जैन मंदिरों और लोक संस्कृति का केंद्र | दूदू |
| 330 | डीडवाना | आभा नगरी | खारे पानी की झील और मारवाड़ का सिंह द्वार (सांस्कृतिक दृष्टि से) | डीडवाना-कुचामन |
| 331 | कुचामन सिटी | - | जागीरी किलों का सिरमौर 'कुचामन दुर्ग' और खारे पानी की क्यारियां | डीडवाना-कुचामन |
| 332 | लाडनूं | चंदेरी नगरी | जैन विश्व भारती संस्थान (अहिंसा और योग का वैश्विक केंद्र) | डीडवाना-कुचामन |
| 333 | नावां | - | राजस्थान की सबसे बड़ी नमक मंडी (मॉडल सॉल्ट फार्म) | डीडवाना-कुचामन |
| 334 | मकराना | - | विश्व प्रसिद्ध सफेद संगमरमर (जिससे ताजमहल बना) की खानें | डीडवाना-कुचामन |
| 335 | पर्वतसर | - | वीर तेजाजी महाराज का प्रसिद्ध पशु मेला स्थल | डीडवाना-कुचामन |
| 336 | डेगाना | - | भारत की एकमात्र टंगस्टन की प्रसिद्ध खान (भाकरी पहाड़ी) | नागौर |
| 337 | मेड़ता सिटी | मेड़ंतक / मीरा नगरी | मीराबाई का मंदिर और राव दूदा का ऐतिहासिक दुर्ग | नागौर |
| 338 | खींवसर | - | खींवसर का रेतीला किला (सैंड ड्यून टूरिज्म का बड़ा केंद्र) | नागौर |
| 339 | ताऊसर | - | सुगंधित मेथी (पान मेथी) के लिए विश्व प्रसिद्ध क्षेत्र | नागौर |
| 340 | गोटन | - | सफेद सीमेंट का प्रथम कारखाना (जेके व्हाइट सीमेंट) | नागौर |
| 341 | फलोदी (शहर) | फलवर्धिका | देश का सबसे गर्म स्थान और नमक का बड़ा निर्यातक केंद्र | फलोदी |
| 342 | बापिणी | - | मेहाजी मांगलिया (मारवाड़ के पंचपीर) का मुख्य मंदिर | फलोदी |
| 343 | लोहावट | - | जम्भेश्वर महाराज की तपोस्थली और बिश्नोई बाहुल्य क्षेत्र | फलोदी |
| 344 | आऊ | - | फलोदी का हरा-भरा कृषि क्षेत्र | फलोदी |
| 345 | जालौर | जाबालिपुर | सुवर्णगिरि दुर्ग और ग्रेनाइट पत्थरों का शहर | जालौर |
| 346 | सांचौर | सत्यपुर | राजस्थान का पंजाब (नर्मदा नहर परियोजना का प्रवेश द्वार) | सांचौर |
| 347 | नेहड़ क्षेत्र | - | नर्मदा नहर के दलदली और लवणीय प्रभाव वाला क्षेत्र | सांचौर |
| 348 | सुंधा पर्वत | - | चामुंडा माता मंदिर और भालुओं का पहला संरक्षित क्षेत्र | जालौर |
| 349 | भीनमाल | श्रीमाल | महाकवि माघ (शिशुपालवध के रचयिता) की जन्मस्थली | जालौर |
| 350 | बालोतरा | - | लूनी नदी के खारे होने का बिंदु और 'अजरख प्रिंट' का गढ़ | बालोतरा |
| 351 | पचपदरा | - | आधुनिक रिफाइनरी (HPCL) और पचपदरा नमक झील | बालोतरा |
| 352 | सिवाना | कुमटगढ़ | वीर सातल और सोम की शौर्य गाथा की ऐतिहासिक भूमि | बालोतरा |
| 353 | समदड़ी | - | पीपाजी महाराज का प्रसिद्ध मंदिर (दर्जी समाज के आराध्य देव) | बालोतरा |
| 354 | नाकोड़ा | मेवानगर | भैरवनाथ जी का जागृत मंदिर और जैन पार्श्वनाथ तीर्थ | बालोतरा |
| 355 | सिरोही | शिवपुरी / अपूर्वगिरि | तलवारों के निर्माण के लिए ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध शहर | सिरोही |
| 356 | माउंट आबू | अर्बुदांचल / अर्बुद | राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन (नक्की झील और गुरुशिखर) | सिरोही |
| 357 | देलवाड़ा | देवलपाटक | संगमरमर की अद्भुत नक्काशी वाले 'दिलवाड़ा के जैन मंदिर' | सिरोही |
| 358 | चंद्रावती | - | परमार शासकों की प्राचीन राजधानी (मूर्तिकला का खजाना) | सिरोही |
| 359 | सरूपगंज | - | पश्चिमी बनास नदी के तट पर बसा औद्योगिक कस्बा | सिरोही |
| 360 | शिवगंज | - | जवाई नदी के किनारे बसा व्यापारिक केंद्र | सिरोही |
| 361 | नीम का थाना | - | तांबा जिला और कांतली नदी का उद्गम स्थल | नीम का थाना |
| 362 | गणेश्वर | - | ताम्रयुगीन संस्कृतियों की जननी (गणेश्वर सभ्यता) | नीम का थाना |
| 363 | श्रीमाधोपुर | - | राजा माधोसिंह द्वारा बसाया गया योजनाबद्ध कस्बा | नीम का थाना |
| 364 | खंडेला | - | पारंपरिक गोटा-किनारी (जरी उद्योग) का प्रसिद्ध केंद्र | नीम का थाना |
| 365 | उदयपुरवाटी | - | शाकंभरी माता मंदिर और लोहार्गल धाम का पहाड़ी क्षेत्र | नीम का थाना |
| 366 | झुंझुनूं | - | वीरों की भूमि (सर्वाधिक सैनिक देने वाला जिला) | झुंझुनूं |
| 367 | पिलानी | - | बिरला इंस्टीट्यूट (BITS पिलानी) और आधुनिक तकनीकी शिक्षा का हब | झुंझुनूं |
| 368 | नवलगढ़ | - | शेखावाटी की 'स्वर्ण नगरी' (शानदार हवेलियाँ और भित्तिचित्र) | झुंझुनूं |
| 369 | बिसाऊ | - | मूक रामलीला और मूक अभिनय कला का ऐतिहासिक केंद्र | झुंझुनूं |
| 370 | खेतड़ी | ताम्र नगरी | स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक यात्रा स्थली और तांबे की खानें | नीम का थाना |
| 371 | सीकर | वीरभान का बास | राव राजा लक्ष्मण सिंह द्वारा स्थापित ऐतिहासिक शेखावाटी केंद्र | सीकर |
| 372 | फतेहपुर | - | फतेहपुर दुर्ग और कदीमी स्थापत्य की सुंदर हवेलियाँ | सीकर |
| 373 | लक्ष्मणगढ़ | - | बेड़ पहाड़ी पर बना दुर्ग और शेखावाटी की कलात्मक हवेलियाँ | सीकर |
| 374 | हर्ष पर्वत | हर्षगिरी | शिव भक्त हर्ष और जीण माता के भाई का पौराणिक शिखर | सीकर |
| 375 | रामगढ़ शेखावाटी | - | सेठों की कलात्मक छतरियाँ और भित्तिचित्रों का खजाना | सीकर |
| 376 | चूरू | - | काले हिरणों की शरणस्थली 'तालछापर अभ्यारण्य' का प्रवेश द्वार | चूरू |
| 377 | सादुलपुर | राजगढ़ | खेल प्रतिभाओं (विशेषकर एथलेटिक्स) का गढ़ | चूरू |
| 378 | सालासर | - | दाढ़ी-मूंछ वाले हनुमान जी (सालासर बालाजी) का विश्व प्रसिद्ध धाम | चूरू |
| 379 | सुजानगढ़ | - | कन्हैयालाल सेठिया (पाथल और पीथल के रचयिता) की जन्मस्थली | चूरू |
| 380 | रतनगढ़ | - | महाराजा रत्नसिंह द्वारा बसाया गया सुंदर गढ़-नगर | चूरू |
| 381 | श्रीगंगानगर | रामनगर | इंदिरा गांधी नहर का प्रथम लाभार्थी और फलों का राजा (किन्नू) | श्रीगंगानगर |
| 382 | सूरतगढ़ | सोढल | एशिया का सबसे बड़ा यंत्रीकृत कृषि फार्म और ताप बिजली घर | श्रीगंगानगर |
| 383 | पदमपुर | - | श्रीगंगानगर का प्रमुख कपास व धान उत्पादक कस्बा | श्रीगंगानगर |
| 384 | सादुलशहर | - | पंजाब सीमा से सटा हुआ उन्नत कृषि क्षेत्र | श्रीगंगानगर |
| 385 | हनुमानगढ़ | भटनेर | भटनेर दुर्ग (मिट्टी से निर्मित) और घग्घर नदी का प्रवाह क्षेत्र | हनुमानगढ़ |
| 386 | नोहर | - | लोकदेवता गोगाजी महाराज का समाधि स्थल (गोगामेड़ी) | हनुमानगढ़ |
| 387 | पीलीबंगा | - | कालीबंगा सभ्यता के समकालीन टीलों का क्षेत्र | हनुमानगढ़ |
| 388 | भादरा | - | हरियाणा सीमा पर बसा व्यापारिक व ऐतिहासिक कस्बा | हनुमानगढ़ |
| 389 | संगरिया | - | स्वामी केशवानंद स्मारक कृषि संग्रहालय का ऐतिहासिक शिक्षा केंद्र | हनुमानगढ़ |
| 390 | अनूपगढ़ | चुघेर | नवगठित सीमावर्ती जिला, लैला-मजनूं की मजार के लिए प्रसिद्ध | अनूपगढ़ |
| 391 | विजयनगर (अनूपगढ़) | - | अनूपगढ़ का प्रमुख अनाज और व्यापार केंद्र | अनूपगढ़ |
| 392 | घड़साना | - | किसान क्रांति और सिंचाई आंदोलनों का प्रमुख केंद्र | अनूपगढ़ |
| 393 | रावला | - | सीमावर्ती मरुस्थलीय उपजाऊ कमाण्ड क्षेत्र | अनूपगढ़ |
| 394 | जैतसर | - | रूस और कनाडा के सहयोग से स्थापित यांत्रिक कृषि फार्म | अनूपगढ़ |
| 395 | चित्तौड़गढ़ दुर्ग | चित्रकूट | भारत का सबसे विशाल काय दुर्ग (गढ़ तो चित्तौड़गढ़, बाकी सब गढ़ैया) | चित्तौड़गढ़ |
| 396 | नाथद्वारा | सिहाड़ | श्रीजी की पिछवाई कला और टेराकोटा कला (मोलेला गाँव) | राजसमन्द |
| 397 | देबारी | - | जस्ता पिघलाने का देश का सबसे बड़ा संयंत्र (हिन्दुस्तान जिंक) | उदयपुर |
| 398 | उदयपुर | - | पूर्व का वेनिस और सैलानियों की पहली पसंद (सज्जनगढ़ पैलेस) | उदयपुर |
| 399 | कुंभलगढ़ दुर्ग | अरावली का मुकुट | महाराणा कुंभा द्वारा निर्मित मेवाड़ की अजेय सीमा | राजसमन्द |
| 400 | हल्दीघाटी | रक्ततलाई | महाराणा प्रताप और मानसिंह के ऐतिहासिक युद्ध (1576) की रणभूमि | राजसमन्द |
| 401 | प्रतापगढ़ | काँठल | देवगढ़ शैली की चित्रकला और थेवा कला (सोने पर कांच की नक्काशी) | प्रतापगढ़ |
| 402 | छोटी सादड़ी | - | स्वर्ण नगरी (प्रतापगढ़ की) और भंवर माता का मंदिर | प्रतापगढ़ |
| 403 | धरियावद | - | जाखम नदी और सीतामाता अभ्यारण्य (उड़न गिलहरी) का क्षेत्र | प्रतापगढ़ |
| 404 | डूंगरपुर | गिरीपुर | बेणेश्वर धाम (आदिवासियों का महातीर्थ) का मुख्य जिला | डूंगरपुर |
| 405 | गलियाकोट | - | दाऊदी बोहरा संप्रदाय का मुख्य धार्मिक स्थल (फखरुद्दीन बाबा की मजार) | डूंगरपुर |
| 406 | बांसवाड़ा | - | माही बजाज सागर परियोजना और घने जंगलों की प्राकृतिक स्थली | बांसवाड़ा |
| 407 | कुशलगढ़ | - | राजस्थान में विलीन होने वाला प्राचीन स्वतंत्र ठिकाना | बांसवाड़ा |
| 408 | घाटोल | - | माही नदी के बैकवाटर और सुंदर प्राकृतिक टापुओं का क्षेत्र | बांसवाड़ा |
| 409 | आनंदपुरी | - | गोविंद गुरु की प्रारंभिक सामाजिक चेतना का तपोबल क्षेत्र | बांसवाड़ा |
| 410 | बाली | - | गोडवाड़ प्रदेश का हृदय और ऐतिहासिक पहाड़ी किला | पाली |
| 411 | फालना | - | स्वर्ण मंदिर (जैन) और भारत का सबसे बड़ा छाता निर्माण केंद्र | पाली |
| 412 | सोजत | - | मेहंदी की सोंधी खुशबू के लिए भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्राप्त शहर | पाली |
| 413 | रणकपुर | - | 1444 खंभों का अद्भुत जैन मंदिर (स्तंभों का वन) | पाली |
| 414 | सादड़ी | - | अरावली की घाटियों में बसा जैन धर्म का बड़ा केंद्र | पाली |
| 415 | रोहट | - | मारवाड़ का विलेज टूरिज्म और राजपूती आतिथ्य का प्रसिद्ध गढ़ | पाली |
राजस्थान की ऐतिहासिक और भौगोलिक विरासत को और अधिक गहराई से समेटते हुए, यहाँ 416 से लेकर 520 तक (105 अतिरिक्त नई प्रविष्टियाँ) की विस्तृत इंडेक्स तालिका दी जा रही है।
इस सूची में हमने नवगठित जिलों (जैसे फलोदी, बालोतरा, सांचौर, डीडवाना-कुचामन, नीम का थाना, अनूपगढ़) के नए भौगोलिक स्वरूप, मारवाड़ के ऐतिहासिक ठिकानों, शेखावाटी की कलात्मक हवेलियों और सीमावर्ती क्षेत्रों के ऐतिहासिक संदर्भों को समाहित किया है:
राजस्थान के क्षेत्रों व नगरों के प्राचीन एवं प्रचलित नाम (416 से 520)
| क्र.सं. | आधुनिक नगर / क्षेत्र | प्राचीन नाम / भौगोलिक नाम | विशिष्ट उपनाम (भौगोलिक/सांस्कृतिक पहचान) | वर्तमान जिला |
|---|---|---|---|---|
| 416 | किशनगढ़ | गुन्दोलाव | मार्बल सिटी (Marble City), बणी-ठणी चित्रकला की विश्वप्रसिद्ध नगरी | अजमेर |
| 417 | नसीराबाद | - | 1857 की क्रांति का राजस्थान में प्रथम केंद्र (ऐतिहासिक छावनी) | अजमेर |
| 418 | सरवाड़ | - | सूफी संत ख्वाजा फखरुद्दीन की दरगाह और ऐतिहासिक दुर्ग | केकड़ी |
| 419 | भिनाय | - | कोड़ामार होली और प्राचीन कलात्मक गढ़ी के लिए प्रसिद्ध | केकड़ी |
| 420 | टोडा रायसिंह | तक्षकगढ़ | तक्षकगिरी पहाड़ी, सुंदर बावड़ियों और टोडा के महलों का प्राचीन नगर | टोंक |
| 421 | उनियारा | - | उनियारा चित्रशैली (जयपुर व बूंदी शैली का अनूठा मिश्रण) का मुख्य केंद्र | टोंक |
| 422 | दूनी | - | प्राचीन ऐतिहासिक किला और बीसलपुर बांध का मुख्य जलग्रहण क्षेत्र | टोंक |
| 423 | बीसलपुर | विग्रहपुर | चौहान राजा बीसलदेव द्वारा बसाई गई नगरी व प्राचीन गोकर्णेश्वर महादेव | टोंक |
| 424 | हिण्डौन सिटी | हिरण्यकश्यप की नगरी | स्लेट पत्थर और लाल बलुआ पत्थर की सबसे बड़ी व्यापारिक मंडी | करौली |
| 425 | श्री महावीरजी | चांदनगाँव | गंभीर नदी के तट पर स्थित दिगंबर जैन संप्रदाय का अतिशय क्षेत्र | करौली |
| 426 | सपोटरा | - | कैला देवी अभ्यारण्य का प्रवेश द्वार और डांग के पठार की पहाड़ियों का क्षेत्र | करौली |
| 427 | नादौती | - | प्राचीन सामंती गढ़ियों और स्थानीय मीना संस्कृति का ऐतिहासिक स्थल | करौली |
| 428 | गंगापुर सिटी | कुशालगढ़ | पूर्व का प्रमुख रेलवे जंक्शन व प्रसिद्ध 'खीरमोहन' मिठाई का घर | गंगापुर सिटी |
| 429 | बामनवास | - | मीणा बाहुल्य ऐतिहासिक पट्टी और सर्वाधिक प्रशासनिक अधिकारियों का गढ़ | गंगापुर सिटी |
| 430 | वजीरपुर | - | पीतल व तांबे के बर्तनों के लघु कुटीर उद्योगों का पारंपरिक केंद्र | गंगापुर सिटी |
| 431 | बौंली | - | रणथंभौर पर्वत शृंखला के समीप का समृद्ध कृषि व धार्मिक क्षेत्र | सवाई माधोपुर |
| 432 | रावतभाटा | - | राजस्थान का परमाणु शक्ति गृह (Atomic Power Hub) व चूलिया जलप्रपात | चित्तौड़गढ़ |
| 433 | निम्बाहेड़ा | - | राजस्थान का प्रमुख सीमेंट उत्पादन हब (कच्चे चूना पत्थर की प्रचुरता) | चित्तौड़गढ़ |
| 434 | बेंगू | - | मेवाड़ का प्रसिद्ध प्रथम श्रेणी ठिकाना जहाँ ऐतिहासिक किसान आंदोलन हुआ | चित्तौड़गढ़ |
| 435 | कपासन | - | राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (डी.ए.पी. खाद) का प्रसिद्ध संयंत्र | चित्तौड़गढ़ |
| 436 | बड़ी सादड़ी | - | महाराणा प्रताप के स्वामिभक्त 'झाला मन्ना' की ऐतिहासिक भूमि | चित्तौड़गढ़ |
| 437 | बाड़मेर | - | थार का दुबई, प्रसिद्ध हस्तशिल्प (अजरख और मलीर प्रिंट) का केंद्र | बाड़मेर |
| 438 | गुड़ामालानी | - | लोकदेवता आलमजी का मन्दिर (घोड़ों का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल) | बाड़मेर |
| 439 | सिणधरी | - | लूनी नदी के बहाव क्षेत्र का प्रमुख अनाज व पशु व्यापार केंद्र | बाड़मेर |
| 440 | धोरीमन्ना | - | थार मरुस्थल की सुरम्य रेत और विश्नोई वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र | बाड़मेर |
| 441 | सेड़वा | - | भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट बसा मरुस्थलीय पशुपालन क्षेत्र | बाड़मेर |
| 442 | बालोतरा | - | पॉपलिन सिटी, लूनी नदी के किनारे बसा समृद्ध वस्त्र रंगाई-छपाई उद्योग | बालोतरा |
| 443 | पचपदरा | - | राजस्थान की पहली अत्याधुनिक मेगा रिफाइनरी और सर्वश्रेष्ठ खारा नमक क्षेत्र | बालोतरा |
| 444 | सिवाना | कुमटगढ़ | अलाउद्दीन खिलजी की विजय का साक्षी (वीर सातल-सोम की शौर्य भूमि) | बालोतरा |
| 445 | कल्याणपुर | - | बालोतरा क्षेत्र का ऐतिहासिक और प्रमुख कृषि प्रधान कस्बा | बालोतरा |
| 446 | समदड़ी | - | संत पीपाजी महाराज की प्राचीन गुफा और लूनी नदी का सुंदर रेतीला तट | बालोतरा |
| 447 | नाकोड़ा | मेवानगर | जैन पार्श्वनाथ भगवान का चमत्कारिक मंदिर (जिन्हें 'हाथ का हुजूर' कहते हैं) | बालोतरा |
| 448 | खेड़ | - | राठौड़ राजवंश के संस्थापक 'राव सिहा' की मारवाड़ में प्रथम राजधानी | बालोतरा |
| 449 | जायला | - | डीडवाना क्षेत्र का ऐतिहासिक जाट बाहुल्य और उन्नत कृषि कस्बा | डीडवाना-कुचामन |
| 450 | मकराना | - | विश्व धरोहर ताजमहल के निर्माण में प्रयुक्त सफेद संगमरमर की खदानें | डीडवाना-कुचामन |
| 451 | परबतसर | - | लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज की स्मृति में आयोजित होने वाला विशाल पशु मेला | डीडवाना-कुचामन |
| 452 | कुचामन | - | अरावली की पहाड़ी पर स्थित जागीरी किलों के सिरमौर 'कुचामन दुर्ग' का शहर | डीडवाना-कुचामन |
| 453 | डीडवाना | आभा नगरी | साल्ट लेक (खारे पानी की झील) और प्रसिद्ध डीडू शाह सूफी संत की भूमि | डीडवाना-कुचामन |
| 454 | लाडनूं | चंदेरी नगरी | जैन धर्म के आचार्य तुलसी की कर्मभूमि और जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय | डीडवाना-कुचामन |
| 455 | नावां | - | देश का प्रसिद्ध नमक परीक्षण और नमक उत्पादन केंद्र (सांभर झील के पास) | डीडवाना-कुचामन |
| 456 | जसवंतगढ़ | - | शेखावाटी शैली की सुंदर ऐतिहासिक हवेलियों व दानदाताओं का कस्बा | डीडवाना-कुचामन |
| 457 | खींवसर | - | खींवसर फोर्ट और थार के मरुस्थलीय धोरों के बीच स्थित हेरिटेज टूरिज्म | नागौर |
| 458 | मेड़ता | मेड़ंतक | भक्त शिरोमणि मीराबाई की क्रीड़ास्थली और राव दूदा का ऐतिहासिक दुर्ग | नागौर |
| 459 | डेगाना | - | देश का एकमात्र टंगस्टन (W) खनिज उत्पादन का ऐतिहासिक क्षेत्र (भाकरी) | नागौर |
| 460 | रियाँ बड़ी | - | नागौर जिले का ऐतिहासिक राठौड़ कालीन ठिकाना व कृषि मंडी | नागौर |
| 461 | कुचेरा | - | नागौर जिले का सबसे प्रमुख जिप्सम खनिज उत्पादक क्षेत्र | नागौर |
| 462 | मूण्डवा | - | प्रसिद्ध सीमेंट उद्योग (अंबुजा सीमेंट) और मुंडवा के लोक मेले | नागौर |
| 463 | बापिणी | - | मेहाजी मांगलिया (मारवाड़ के पंचपीरों में शामिल) का मुख्य मंदिर स्थल | फलोदी |
| 464 | लोहावट | - | विश्नोई समाज के आराध्य देव जाम्भोजी महाराज की तपोभूमि | फलोदी |
| 465 | देचू | - | फलोदी जिले का सुंदर रेतीला पर्यटन स्थल (सैंड ड्यून्स रिसॉर्ट्स) | फलोदी |
| 466 | बाप | - | राजस्थान का प्रथम सौर ऊर्जा और लिग्नाइट कोयला आधारित संयंत्र क्षेत्र | फलोदी |
| 467 | खींचन | - | साइबेरियाई प्रवासी पक्षी 'कुरूंजा' का अंतरराष्ट्रीय शीतकालीन शरण स्थल | फलोदी |
| 468 | कोलू पाबूजी | - | मारवाड़ के महान लोकदेवता व गौ-रक्षक पाबूजी राठौड़ की जन्मस्थली | फलोदी |
| 469 | सांचौर | सत्यपुर | राजस्थान का पंजाब (नर्मदा नहर के कारण सर्वाधिक हरी-भरी पट्टी) | सांचौर |
| 470 | चितलवाना | - | जंगली गधों (Khurs) के लिए देश का प्रसिद्ध 'रणखार कंजर्वेशन रिजर्व' | सांचौर |
| 471 | बागोड़ा | - | सुवर्णगिरि साम्राज्य के अधीन आने वाला ऐतिहासिक गोड़वाड़ कस्बा | सांचौर |
| 472 | भीनमाल | श्रीमाल / पीलोमोलो | सुप्रसिद्ध गुप्तकालीन खगोलशास्त्री ब्रह्मगुप्त और महाकवि माघ की भूमि | जालौर |
| 473 | जसवंतपुरा | - | अरावली की सुंदर पहाड़ियों (मालवाड़ा) के बीच बसा सुरम्य पहाड़ी कस्बा | जालौर |
| 474 | सायला | - | जालौर क्षेत्र का सूती दरी उद्योग और उन्नत कृषि व्यापार केंद्र | जालौर |
| 475 | आहोर | - | उत्कृष्ट ग्रेनाइट पत्थर और स्थानीय मिट्टी के बर्तनों (टेराकोटा) का केंद्र | जालौर |
| 476 | पीपलाद | - | मारवाड़ के प्रसिद्ध पौराणिक ऋषि पीपलाद की प्राचीन तपोभूमि | जालौर |
| 477 | माउंट आबू | अर्बुदांचल / अर्बुद | राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल व सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र | सिरोही |
| 478 | देलवाड़ा | देवलपाटक | संगमरमर की बेजोड़ नक्काशी के लिए प्रसिद्ध 'दिलवाड़ा के जैन मंदिर' | सिरोही |
| 479 | पिंडवाड़ा | - | देश भर में मार्बल तराशने और कलात्मक मंदिर निर्माण के शिल्पियों का शहर | सिरोही |
| 480 | शिवगंज | - | जवाई नदी के किनारे बसा सिरोही जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र | सिरोही |
| 481 | रेवदर | - | गुजरात सीमा पर बसा अरावली की पहाड़ियों की तलहटी का सुंदर कस्बा | सिरोही |
| 482 | चंद्रावती | - | आबू के परमार शासकों की प्राचीन भव्य राजधानी के ऐतिहासिक भग्नावशेष | सिरोही |
| 483 | खेतड़ी | ताम्र नगरी | स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक यात्रा और देश की सबसे बड़ी तांबा खदान | नीम का थाना |
| 484 | उदयपुरवाटी | - | अरावली घाटी में बसा प्रसिद्ध 'शाकंभरी माता' और 'लोहार्गल' का प्रवेश द्वार | नीम का थाना |
| 485 | नीम का थाना | - | कांतली नदी का उद्गम स्थल और तंवरवाटी संस्कृति का प्रमुख गढ़ | नीम का थाना |
| 486 | श्रीमाधोपुर | - | जयपुर रियासत के महाराजा द्वारा बसाया गया चौपड़ शैली का योजनाबद्ध कस्बा | नीम का थाना |
| 487 | गणेश्वर | - | ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी माना जाने वाला पुरातात्विक स्थल | नीम का थाना |
| 488 | खंडेला | - | गोटा-किनारी (जरी उद्योग) और प्रसिद्ध रॉयल शेखावाटी किलों की भूमि | नीम का थाना |
| 489 | खेतड़ी नगर | - | हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) द्वारा स्थापित आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप | नीम का थाना |
| 490 | नवलगढ़ | - | शेखावाटी की स्वर्ण नगरी (शानदार भित्तिचित्रों वाली कलात्मक हवेलियाँ) | झुंझुनूं |
| 491 | मण्डावा | - | ओपन आर्ट गैलरी (Open Art Gallery) के रूप में विख्यात प्राचीन धरोहर शहर | झुंझुनूं |
| 492 | चिरावा | - | चिरावा के प्रसिद्ध पेड़े और हवेली भित्तिचित्रों का ऐतिहासिक शहर | झुंझुनूं |
| 493 | पिलानी | - | बिड़ला तकनीकी संस्थान (BITS) और मरुस्थल का आधुनिक शैक्षिक केंद्र | झुंझुनूं |
| 494 | सूरजगढ़ | - | शेखावाटी का पूर्वी सीमांत किला कस्बा (हरियाणा सीमा के समीप) | झुंझुनूं |
| 495 | बुहाना | - | अरावली के अंतिम छोर पर बसा वीरों और भारतीय सैनिकों का गढ़ | झुंझुनूं |
| 496 | महणसर | - | महणसर की प्रसिद्ध पारंपरिक मदिरा और सोने की नक्काशीदार हवेली | झुंझुनूं |
| 497 | मुकुंदगढ़ | - | शेखावाटी हस्तशिल्प और कलात्मक किलों का ऐतिहासिक केंद्र | झुंझुनूं |
| 498 | फतेहपुर | - | कायमखानी नवाब फतेह खां द्वारा बसाई गई धरोहर हवेलियों की नगरी | सीकर |
| 499 | लक्ष्मणगढ़ | - | बेड़ पहाड़ी पर बना दुर्ग और शेखावाटी के कलात्मक स्थापत्य का गढ़ | सीकर |
| 500 | रामगढ़ शेखावाटी | - | प्राचीन सेठों का रामगढ़ (शानदार वैकुंठ मंदिर और छतरियों का हब) | सीकर |
| 501 | दांतारामगढ़ | - | दांतारामगढ़ की ऐतिहासिक गढ़ी और शेखावाटी का सबसे उपजाऊ कृषि क्षेत्र | सीकर |
| 502 | रींगस | - | सुप्रसिद्ध 'खाटूश्यामजी' मंदिर का मुख्य रेलवे और सड़क जंक्शन मार्ग | सीकर |
| 503 | खाटूश्यामजी | खाटू धाम | महाभारत कालीन बर्बरीक (शीश के दानी) का कलयुगी पावन मंदिर स्थल | सीकर |
| 504 | नेछवा | - | सीकर जिले का पारंपरिक ग्रामीण लोक संस्कृति और कृषि प्रधान कस्बा | सीकर |
| 505 | जीणमाता | काजल शिखरा | चौहानों की कुलदेवी जीण माता की प्राकृतिक अरावली पर्वत घाटी | सीकर |
| 506 | सुजानगढ़ | - | कन्हैयालाल सेठिया की जन्मस्थली और तालछापर मृग अभ्यारण्य का द्वार | चूरू |
| 507 | सालासर बालाजी | - | दाढ़ी-मूंछ वाले हनुमान जी का संपूर्ण भारत में विख्यात एकमात्र सिद्धपीठ | चूरू |
| 508 | सरदारशहर | - | गांधी विद्या मंदिर और थार मरुस्थल की सुरम्य रेत का विशाल कस्बा | चूरू |
| 509 | रतनगढ़ | - | महाराजा रत्नसिंह द्वारा बसाया गया और विशाल कलात्मक छतरियों का नगर | चूरू |
| 510 | तारानगर | रिणी | प्राचीन रिणी किला और मरुस्थलीय चारे का समृद्ध ऐतिहासिक क्षेत्र | चूरू |
| 511 | सादुलपुर | राजगढ़ | खेल प्रतिभाओं (विशेष रूप से ओलंपिक एथलीटों) का विख्यात केंद्र | चूरू |
| 512 | बीदासर | - | ऐतिहासिक बीदावत राठौड़ों का मुख्य गढ़ और पत्थर उद्योग | चूरू |
| 513 | अनूपगढ़ | चुघेर | लैला-मजनूं की मजार और भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा का पश्चिमी प्रहरी | अनूपगढ़ |
| 514 | सूरतगढ़ | सोढल | राजस्थान का सबसे बड़ा सुपर थर्मल पावर स्टेशन और आधुनिक यांत्रिक फार्म | श्रीगंगानगर |
| 515 | घड़साना | - | इंदिरा गांधी नहर परियोजना का सुविकसित और समृद्ध कृषि कमाण्ड क्षेत्र | अनूपगढ़ |
| 516 | जैतसर | - | केंद्रीय राजकीय कृषि फार्म (एशिया का दूसरा बड़ा यांत्रिक फार्म) | अनूपगढ़ |
| 517 | रावला | - | थार के रेगिस्तान में लहलहाती सिंचित फसलों का आधुनिक हब | अनूपगढ़ |
| 518 | रायसिंहनगर | - | भारत-पाक सीमांत व्यापारिक कस्बा और ऐतिहासिक डाडा पम्माराम गुरुद्वारा | अनूपगढ़ |
| 519 | पदमपुर | - | श्रीगंगानगर क्षेत्र की सबसे बड़ी उन्नत कपास व धान की आधुनिक मंडी | श्रीगंगानगर |
| 520 | करणपुर | - | सीमावर्ती उपजाऊ बेल्ट जहाँ की किन्नू और उत्तम गेहूं की फसल विख्यात है | श्रीगंगानगर |
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