राजस्थान सामान्य ज्ञान
👑 ट्रिक महा-काव्य 👑
लेखक एवं संकलनकर्ता: दिनेश कुमार कीर
💡 साहित्यिक संदेश
"यह काव्य नहीं, यह राजस्थान का गौरवशाली ज्ञान-निचोड़ है। इसे जब भी आप गुनगुनाएंगे, परीक्षाओं के सारे कठिन प्रश्न आपके सामने बेहद सरल और सहज बनकर खुद-ब-खुद हल हो जाएंगे।"
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🏺 पॉटरी, हवेलियाँ और पंचपीर
"जयपुर की ब्लू, कोटा की ब्लैक निराली, पोखरण की क्ले, अलवर की कागजी मतवाली।"
"पटवों की पाँच मंजिला पत्थर की जाली गाए, गोपा मेहरा ही बस पंचपीरों में आए।"
"(तेजाजी इस पावन सूची में नहीं समाए!)"
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
- ब्लू पॉटरी: जयपुर (कृपाल सिंह शेखावत प्रसिद्ध कलाकार)
- ब्लैक पॉटरी: कोटा
- क्ले/टेराकोटा पॉटरी: पोखरण (जैसलमेर)
- कागजी पॉटरी: अलवर (पतली/डबल कट पॉटरी)
यह पाँच मंजिला भव्य हवेली है जो अपनी महीन पत्थर की नक्काशी और जालियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
ट्रिक शब्द: "गोपा मेहरा"
परीक्षा विशेष: तेजाजी महाराज इस सूची में शामिल नहीं हैं, छात्र अक्सर परीक्षा में भ्रमित होते हैं।
💃 लोक नृत्य (भील, गरासिया व कालबेलिया)
"कालबेलिया का बाईपास मन मोहे,"
"भीलों की गवरी, गैर, युद्ध और द्विचकरी सोहे। हाथीमना विवाह में घुटने टेककर नाचे,"
"गरासियों का गोलू-मामा मोरिया संग ज्वारा लाचे। कूद पड़े जब लूर में, बिना बाजे ही नाचे!"
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
बागड़िया (भीख मांगते हुए), इण्डोणी, पणहारी, संकरिया (प्रेम कथा आधारित)।
गवरी (राई नृत्य, लोकनाट्य का मेरुदंड), गैर, युद्ध नृत्य और द्विचकरी नृत्य (दो घेरे बनाकर)।
हाथीमना: भील पुरुषों द्वारा विवाह के अवसर पर घुटने टेककर तलवार घुमाते हुए किया जाने वाला अनूठा नृत्य।
ट्रिक सूत्र: "गोलू-मामा मोरिया ज्वारा कूद लूर"
गोल, लूर, मांदल, मादल/मोरा, मोरिया (विवाह पर), ज्वारा (होली पर), कूद नृत्य।
विशेषता: "कूद" तथा "लूर" नृत्य बिना किसी वाद्य यंत्र के केवल तालियों की थाप पर किया जाता है।
🎺 वाद्ययंत्र, लोकनाट्य और हस्तकला
"रामा का अपंग बेटा भपंग संग जंतर बजाता, कमायचा, दुकाको, चीकारा तत में गिना जाता।"
"अल्गु, बांके, पूँगी, सतारा, मोरचंग सुषिर कहावे, फूँक मार कर सुर का सुंदर तान सुनावे।"
"भरतपुर के भूरीलाल संग गिरिराज नौटंकी लाए, कुचामन के लच्छीराम ओपेरा सा ख्याल गाए।"
"जयपुर के बंशीधर, गोपी संग तमाशा का अखाड़ा सजाते, नाथूजी प्रतापगढ़ में हरे काँच पर थेवा कला चमकाते। बालोतरा का अजरख-मलीर, आकोला का दाबू मन हर्षाते!"
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
रबाब/रामा, अपंग, भपंग (जहूर खां मेवाती नायक), जंतर (देवनारायण जी की फड़ में प्रयुक्त), कमायचा, दुकाको, चीकारा।
अल्गोजा (राज्य वाद्य यंत्र), बांकिया, पूँगी (कालबेलियों का मुख्य), सतारा, मोरचंग (सबसे छोटा वाद्य - ल्यू हार्प)।
- नौटंकी: भरतपुर (भूरीलाल व गिरिराज प्रसाद)
- कुचामनी ख्याल: लच्छीराम (ओपेरा शैली जैसा)
- तमाशा (जयपुर): बंशीधर भट्ट व गोपी जी भट्ट
- थेवा कला: प्रतापगढ़ (नाथूजी सोनी - बेल्जियम कांच पर सोने की कलाकारी)
- अजरख-मलीर प्रिंट: बालोतरा
- दाबू प्रिंट: आकोला (चित्तौड़गढ़)
🏔️ पर्वत, चोटी और अरावली के दर्रे
"गुरु से जरा अचल रहो, सिरोही का मान बढ़ाओ,"
"मध्य में तारा और मायर जी से गोरमघाट जाओ।"
"राजसमंद में हाथी-चील ने गोरम-पग पर डेरा डाला, हाथीगुड़ा, जिलवा, सोमेश्वर ने अरावली को संभाला।"
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
सूत्र: "गुरु से जरा अचल रहो"
- गुरुशिखर (1722 मीटर, सिरोही - संतों का शिखर)
- सेर (1597 मीटर, सिरोही)
- जरा / जरगा (1431 मीटर, उदयपुर/राजसमंद सीमा)
- अचल / अचलगढ़ (1380 मीटर, सिरोही)
तारागढ़ (अजमेर) तथा मायर जी / टोडगढ़ (अजमेर/ब्यावर) मध्य अरावली की सबसे ऊँची चोटियाँ हैं।
हाथीगुड़ा दर्रा (कुम्भलगढ़ दुर्ग के पास), जिलवा / पगल्या की नाल (मारवाड़ से मेवाड़ का रास्ता), सोमेश्वर दर्रा, तथा गोरमघाट दर्रा (जहाँ से पहाड़ी ट्रेन गुजरती है)।
🌊 मिट्टी, आंतरिक नदियाँ और मीठी झीलें
"पूरब में अल्फी (अल्फीसॉल्स) सुंदर, दक्षिण-पूर्वी वर्टी (वर्टिसॉल्स) काली, एरिड (एरिडोसॉल्स) मरुस्थल रेतीली, इनसेप्टी (इनसेप्टिसॉल्स) पर्वतीय मतवाली।"
"काका सा में रूपा-रूपन को घग्गर बहा ले जाए, आंतरिक प्रवाह की नदियाँ थल में ही खो जाए।"
"सांभर में मेंढा, खारी, खंडेला संग रूपनगढ़ आए, बीगोद में बनास, बेड़च, मेनाल त्रिवेणी दर्शाए।"
"लीला, सुकड़ी, बांडी, जवाई बाईं ओर से लूनी में बहती, जोझड़ी अकेली दाईं ओर से अरावली बिना बहती। बाबा का भांगड़ा बड़ा, प्यारी सबसे छोटी कहलाती, जयसमंद की मीठी लहरें..."
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
- 🌾 अल्फीसॉल्स (Alfisol): पूर्वी मैदान (जलोढ़ मिट्टी)
- ⚫ वर्टिसॉल्स (Vertisol): हाड़ौती/द-पूर्वी क्षेत्र (काली मिट्टी)
- 🏜️ एरिडोसॉल्स (Aridisol): शुष्क मरुस्थलीय मिट्टी
- ⛰️ इनसेप्टीसॉल्स (Inceptisol): अरावली क्षेत्र की पर्वतीय मिट्टी
"काका सा में रूपा-रूपन घग्गर"
कांतली, काकनी (मसूरदी), साबी, मेंन्था, रूपारेल, रूपनगढ़ और घग्गर। ये नदियाँ समुद्र तक नहीं पहुँचतीं।
• सांभर झील में विलीन: मेंढा, खारी, खंडेला, और रूपनगढ़।
• बीगोद त्रिवेणी (भीलवाड़ा): बनास, बेड़च और मेनाल नदियों का प्रसिद्ध संगम।
• लूनी अपवाद: जोझड़ी नदी एकमात्र सहायक नदी है जो दाईं ओर से बिना अरावली से निकले लूनी में मिलती है। बाकी सभी बाईं ओर से मिलती हैं।
• जयसमंद झील (सलूंबर): सबसे बड़ा टापू 'बाबा का भांगड़ा' और सबसे छोटा टापू 'प्यारी' कहलाता है।
🌳 राष्ट्रीय उद्यान और प्रमुख कृषि अनुसंधान केंद्र
"रण में केवला ने मुकुंद को जब निहारा, क्रम से तीन राष्ट्रीय उद्यानों को जग ने स्वीकारा।"
"तबीजी का मसाला, सेवर की राई महक फैलाए, दुर्गापुरा का अनाज, बीछवाल की शुष्क बागवानी मन भाए।"
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
- रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान (सवाई माधोपुर - 1980)
- केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर - 1981)
- मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (कोटा/चित्तौड़गढ़ - 2012)
- तबीजी (अजमेर): राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र (NRC on Seed Spices).
- सेवर (भरतपुर): राष्ट्रीय सरसों/राई अनुसंधान केंद्र (DRMR).
- दुर्गापुरा (जयपुर): कृषि अनुसंधान केंद्र (कृषि प्रबंधन व अनाज हाइब्रिड).
- बीछवाल (बीकानेर): केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH).
🚜 किसान आंदोलन, समझौते और शहादत
"अलवर के माधव-गोविंद ने सूअर विरोधी बिगुल बजाया,"
"बेंगू के ट्रेंच ने तब बोल्शेविक समझौता बतलाया।"
"ट्रेंच ने फिर गोविंदपुरा में गोलियाँ चलवाई, रूपाजी-कृपाजी की शहादत ने क्रांति की अलख जगाई।"
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
यह आंदोलन जंगली सूअरों को मारने पर लगे प्रतिबंध के विरोध में शुरू हुआ था, जिसका नेतृत्व माधव सिंह और गोविंद सिंह ने किया था।
बेंगू ठाकुर अनूप सिंह व राजस्थान सेवा संघ के बीच हुए समझौते को ब्रिटिश रेजीडेंट ट्रेंच ने रूसी क्रांति से तुलना करते हुए "बोल्शेविक" करार दिया और इसे खारिज कर दिया।
ट्रेंच के आदेश पर गोविंदपुरा गाँव में किसानों की सभा पर गोलियां बरसाई गईं, जिसमें रूपाजी धाकड़ और कृपाजी धाकड़ शहीद हुए।
🛡️ ऐतिहासिक युद्ध, प्रजामंडल व क्रांति के नायक
"सांगा संग हसन मेवाती और महमूद लोदी अड़ गए, जैता-कूंपा गिरी-सुमेल में शेरशाह से लड़ गए।"
"मराठों संग सवाई जयसिंह ने जगत को अध्यक्ष बनाया, हुड़ा सम्मेलन का वो पावन अध्याय रचाया।"
"बीका गया कलकत्ता, भरत गया रेवाड़ी धाम, सिरोही ने बंबई जा किया प्रजामंडल का काम।"
"करौली के मदन ने रॉबर्ट्स संग कोटा का बटन बदला, एरिनपुरा के मोती-तिलक ने फिरंगियों को मसला। जोधपुर जेल में बिस्सा ने भूख हड़ताल रचाई, राजस्थान के जतिन दास की अनुपम कीर्ति पाई!"
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
- खानवा युद्ध (1527): राणा सांगा के साथ हसन खां मेवाती तथा महमूद लोदी ने बाबर के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
- गिरी-सुमेल युद्ध (1544): राव मालदेव के वीर सेनापति जैता और कूंपा ने शेरशाह सूरी से कड़ा मुकाबला किया।
मराठा शक्ति को रोकने हेतु सवाई जयसिंह के प्रयासों से आयोजित। इसकी अध्यक्षता मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने की थी।
- • बीकानेर प्रजामंडल: कलकत्ता में (मघाराम वैद्य द्वारा)
- • भरतपुर प्रजामंडल: रेवाड़ी (हरियाणा) में
- • सिरोही प्रजामंडल: बम्बई में (गोकुल भाई भट्ट द्वारा)
• कोटा क्रांति: करौली महाराजा मदनपाल ने सेना भेजकर अंग्रेज़ जनरल रॉबर्ट्स की सहायता की, कोटा में पॉलिटिकल एजेंट बर्टन (बटन) का सिर काटा गया था।
• एरिनपुरा: मोती खान और तिलक राम ने नेतृत्व किया।
• बालमुकुंद बिस्सा: जोधपुर जेल में भूख हड़ताल से शहीद, राजस्थान के 'जतिन दास' कहलाते हैं।
⚖️ मुख्य सचिव, राजनेता और हाई कोर्ट बेंच
"के. पी. यू. मेनन ने मुख्य सचिव और लोकायुक्त का मान बढ़ाया, टीकाराम पहले मुख्य, फिर उप-मुख्यमंत्री कहलाया।"
"भैरोंसिंह और वसुंधरा ने नेता प्रतिपक्ष पद संभाला, सतहत्तर (1977) में फिर जयपुर ने हाई कोर्ट बेंच को पाला।"
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
- के. पी. यू. मेनन: राजस्थान के ऐसे प्रशासनिक अधिकारी जो मुख्य सचिव (Chief Secretary) और लोकायुक्त (Lokayukta) दोनों सर्वोच्च पदों पर रहे।
- टीकाराम पालीवाल: राजस्थान के एकमात्र राजनेता जो पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री (1952) बने, तत्पश्चात उप-मुख्यमंत्री का पद भी संभाला।
- सीएम व नेता प्रतिपक्ष: भैरोंसिंह शेखावत एवं वसुंधरा राजे दोनों ने मुख्यमंत्री तथा विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता (Leader of Opposition) का पद संभाला है।
- जयपुर हाई कोर्ट बेंच: राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ को 31 जनवरी, 1977 को पुनः स्थापित किया गया।
🏵️ राज्यपाल निधन, विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्य सचिव
"दरबारा, निर्मल, प्रभा संग शैलेंद्र देवलोक सिधारे, राज्यपाल पद पर रहते हुए प्राण इन्होंने वारे।"
"नरोत्तम लाल अध्यक्ष बने, लालसिंह उपाध्यक्ष आए, हीरालाल सबसे कम दिन में दोनों पद सुशोभा पाए।"
"लंबे समय तक मुख्य सचिव भगवंत मेहता जी कहलाए, एस. डब्ल्यू. शिवेशवरकर ने तीनों सर्वोच्च पद सजाए!"
ट्रिक डिकोडर (भावार्थ)
- 1. दरबारा सिंह (सबसे कम कार्यकाल)
- 2. निर्मल चंद्र जैन
- 3. शैलेंद्र कुमार सिंह
- 4. प्रभा राव
- • प्रथम अध्यक्ष: नरोत्तम लाल जोशी
- • प्रथम उपाध्यक्ष: लाल सिंह शक्तावत
- • हीरालाल देवपुरा: सबसे कम अवधि (मात्र 16 दिन) के लिए मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष बने।
• भगवत सिंह मेहता (भगवंत): सर्वाधिक लंबी अवधि तक कार्य करने वाले राजस्थान के मुख्य सचिव।
• एस. डब्ल्यू. शिवेशवरकर: प्रशासनिक सेवा के वह अधिकारी जिन्होंने राज्य के तीन अति-विशिष्ट पदों की गरिमा बढ़ाई।
🧠 याद हुआ या नहीं? तुरंत जांचें!
काव्य के आधार पर तैयार किए गए इन 5 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दें और अपना स्कोर जानें।
प्रश्न 1. निम्न में से कौन से लोक देवता मारवाड़ के 'पंचपीरों' में शामिल नहीं हैं?
प्रश्न 2. गरासिया जनजाति का वह कौन सा नृत्य है जो बिना किसी वाद्ययंत्र के केवल तालियों की थाप पर किया जाता है?
प्रश्न 3. लूनी नदी की एकमात्र कौन सी सहायक नदी है जो अरावली की पहाड़ियों से नहीं निकलती और दाईं ओर से आकर मिलती है?
प्रश्न 4. 1923 में घटित 'गोविंदपुरा हत्याकांड' किस प्रसिद्ध किसान आंदोलन से संबद्ध है?
प्रश्न 5. राजस्थान के वे एकमात्र राजनेता कौन हैं जो पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने और बाद में उप-मुख्यमंत्री का पद संभाला?
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