राजस्थान के गौरवमयी इतिहास, अद्वितीय भूगोल और महान विभूतियों को सहेजने के उद्देश्य से यहाँ राजस्थान के प्रमुख नगरों/स्थानों तथा महान व्यक्तित्वों के 200 से अधिक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व भौगोलिक नामों, उपनामों तथा उपाधियों की वर्गीकृत सूची दी जा रही है।
भाग 1: राजस्थान के प्रमुख नगरों, क्षेत्रों व भौगोलिक स्थलों के उपनाम (1 से 125)
राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्रों को उनकी विशिष्ट बनावट, खनिज संपदा, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के आधार पर कई प्रसिद्ध उपनामों से जाना जाता है।
| क्र.सं. | नगर / क्षेत्र / भौगोलिक स्थल | प्रसिद्ध उपनाम / भौगोलिक पहचान |
|---|---|---|
| 1 | जयपुर | पूर्व का पेरिस, गुलाबी नगरी (Pink City), आईलैंड ऑफ ग्लोरी, हेरिटेज सिटी |
| 2 | जोधपुर | मरुस्थल का प्रवेश द्वार, सूर्य नगरी (Sun City), नीला शहर (Blue City) |
| 3 | उदयपुर | झीलों की नगरी, पूर्व का वेनिस, सैलानियों का स्वर्ग, सफेद शहर (White City) |
| 4 | जैसलमेर | स्वर्ण नगरी (Golden City), झरोखों की नगरी, म्यूजियम सिटी, हवेलियों का शहर |
| 5 | अजमेर | राजस्थान का हृदय, भारत का मक्का, राजपूताना की कुंजी, अरावली का अरमान |
| 6 | चित्तौड़गढ़ | राजस्थान का गौरव, भक्ति व शक्ति की नगरी, भारतीय मूर्तिकला का शब्दकोश |
| 7 | भीलवाड़ा | राजस्थान का मैनचेस्टर, वस्त्र नगरी (Textile City), अभ्रक सिटी (Micapolis) |
| 8 | जालौर | सुवर्णगिरि, ग्रेनाइट सिटी (Granite City) |
| 9 | भरतपुर | राजस्थान का पूर्वी सिंहद्वार, पक्षियों का स्वर्ग |
| 10 | कोटा | राजस्थान की औद्योगिक नगरी, वर्तमान नालंदा, शिक्षा का तीर्थस्थल, कानपुर |
| 11 | धौलपुर | रेड डायमंड (Red Diamond), कोठी |
| 12 | बांसवाड़ा | सौ द्वीपों का शहर, आदिवासियों का शहर |
| 13 | डूंगरपुर | पहाड़ों की नगरी |
| 14 | झालावाड़ | राजस्थान का नागपुर (संतरा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध), हेरिटेज सिटी |
| 15 | झुंझुनूं | तांबा जिला (ताम्र नगरी) |
| 16 | सीकर | शेखावाटी का हृदय |
| 17 | चूरू | गरम व ठंडे मौसम का चरम जिला (थार का प्रवेश द्वार) |
| 18 | श्रीगंगानगर | राजस्थान का अन्न कटोरा, बागानों की भूमि |
| 19 | हनुमानगढ़ | भटनेर का किला, खिलौनों का शहर |
| 20 | टोंक | नवाबों का शहर, एकमात्र मुस्लिम रियासत |
| 21 | सवाई माधोपुर | बाघों की क्रीड़ास्थली, रणथंभौर की भूमि |
| 22 | करौली | डांग की रानी |
| 23 | बारां | वराह नगरी, मसालों का घर |
| 24 | सिरोही | देव नगरी, अर्बुदांचल |
| 25 | प्रतापगढ़ | कांठल की भूमि, राधा जी का थान |
| 26 | पाली | मारवाड़ का मध्य बिंदु |
| 27 | बाड़मेर | थार का दुबई, कलात्मक हस्तशिल्प का गढ़ |
| 28 | राजसमंद | मेवाड़ का राजमुकुट |
| 29 | सांचौर | राजस्थान का पंजाब |
| 30 | फलोदी | साल्ट सिटी (Salt City), सबसे शुष्क स्थान |
| 31 | बालोतरा | पॉपलिन नगरी, वस्त्र रंगाई-छपाई का केंद्र |
| 32 | डीडवाना | आभा नगरी, उप-काशी |
| 33 | कुचामन | जागीरी किलों का सिरमौर |
| 34 | नीम का थाना | तंवरवाटी क्षेत्र, ताम्रयुगीन सभ्यता का केंद्र |
| 35 | गंगापुर सिटी | खीरमोहन की नगरी |
| 36 | डीग | जलमहलों की नगरी |
| 37 | दूदू | सबसे छोटा प्रशासनिक जिला |
| 38 | कोटपूतली-बहरोड़ | राजस्थान का उत्तरी औद्योगिक हब |
| 39 | खैरथल-तिजारा | राजस्थान का मिनी पंजाब (सरसों की प्रचुरता) |
| 40 | अनूपगढ़ | सीमावर्ती दुर्गम प्रहरी, लैला-मजनूं की भूमि |
| 41 | शाहपुरा (भीलवाड़ा) | फड़ चित्रकला की अंतरराष्ट्रीय नगरी |
| 42 | ब्यावर | तिलपट्टी नगरी, बादशाह मेले का शहर |
| 43 | केकड़ी | तामड़ा (रक्तमणि) और कनकावती नगरी |
| 44 | सलूंबर | हाड़ी रानी की ऐतिहासिक कर्मभूमि |
| 45 | माउंट आबू (सिरोही) | राजस्थान का शिमला, अर्ध-काशी |
| 46 | हल्दीघाटी (राजसमंद) | राजस्थान की थर्मोपल्ली |
| 47 | दिवेर (राजसमंद) | मेवाड़ का मैराथन |
| 48 | किशनगढ़ (अजमेर) | मार्बल मंडी, बणी-ठणी की नगरी |
| 49 | पुष्कर (अजमेर) | तीर्थराज, कोकण तीर्थ, पांचवां वेद, आदि तीर्थ |
| 50 | नाकोड़ा (बालोतरा) | राजस्थान का मेवा नगर |
| 51 | झालरापाटन (झालावाड़) | घंटियों का शहर (City of Bells) |
| 52 | ओसियां (जोधपुर) | राजस्थान का भुवनेश्वर |
| 53 | ** किराडू (बाड़मेर)** | राजस्थान का खजुराहो |
| 54 | जगत (उदयपुर) | मेवाड़ का खजुराहो |
| 55 | भंडदेवरा (बारां) | राजस्थान का मिनी खजुराहो (हाड़ौती का खजुराहो) |
| 56 | रणकपुर (पाली) | स्तंभों का वन (1444 खंभों का मंदिर) |
| 57 | भैंसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़) | राजस्थान का वेल्लोर |
| 58 | तारागढ़ (बूंदी) | तिलिस्मी किला |
| 59 | तारागढ़ (अजमेर) | राजपूताना की कूंजी, पूर्व का जिब्राल्टर |
| 60 | लोहार्गल (नीम का थाना) | शेखावाटी का हरिद्वार |
| 61 | सालासर (चूरू) | चमत्कारी सिद्ध हनुमान पीठ |
| 62 | खाटूश्यामजी (सीकर) | कलयुग के अवतारी बर्बरीक का धाम |
| 63 | रामदेवरा (जैसलमेर) | साम्प्रदायिक सद्भाव का महातीर्थ |
| 64 | बेणेश्वर (डूंगरपुर) | आदिवासियों का महाकुंभ, वागड़ का पुष्कर |
| 65 | मातृकुंडिया (चित्तौड़गढ़) | राजस्थान का हरिद्वार |
| 66 | मानगढ़ धाम (बांसवाड़ा) | राजस्थान का जलियांवाला बाग |
| 67 | शाहबाद (बारां) | हाड़ौती का मुकुट |
| 68 | मण्डोर (जोधपुर) | रावण का ससुराल |
| 69 | भीनमाल (जालौर) | श्रीमाल, पीलोमोलो (ह्वेनसांग के अनुसार) |
| 70 | नोखा (बीकानेर) | ग्वार-गम की विश्वप्रसिद्ध मंडी |
| 71 | लूणकरणसर (बीकानेर) | राजस्थान का राजकोट (मूंगफली उत्पादन के कारण) |
| 72 | देशनोक (बीकानेर) | चूहों वाली करणी माता का मंदिर |
| 73 | गोगुंदा (उदयपुर) | महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक स्थल |
| 74 | चावंड (उदयपुर) | महाराणा प्रताप की संकटकालीन राजधानी |
| 75 | बयाना (भरतपुर) | कब्रगाहों का शहर, शोणितपुर, बाणसूर की नगरी |
| 76 | खानवा (भरतपुर) | बाबर और राणा सांगा के ऐतिहासिक युद्ध की भूमि |
| 77 | डीग के महल (डीग) | फव्वारों की नगरी |
| 78 | तीजण माता मन्दिर | महलों की सांस्कृतिक धरोहर |
| 79 | नावां (डीडवाना-कुचामन) | साल्ट मॉडल फार्म, नमक मंडी |
| 80 | गणेश्वर (नीम का थाना) | पुरातत्व का पुष्कर, ताम्रयुगीन जननी |
| 81 | रेढ (टोंक) | प्राचीन राजस्थान का टाटा नगर |
| 82 | विराट नगर (कोटपूतली) | प्राचीन बैराठ (मत्स्य जनपद की राजधानी) |
| 83 | सोनारगढ़ (जैसलमेर) | रेगिस्तान का गुलाब, पीले पत्थरों का शहर |
| 84 | जसवंत थड़ा (जोधपुर) | राजस्थान का ताजमहल |
| 85 | कांठल (प्रतापगढ़) | माही नदी का तटवर्ती मैदान |
| 86 | मेवल (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) | दो पर्वतों के बीच का संकरा भील क्षेत्र |
| 87 | वागड़ | डूंगरपुर-बांसवाड़ा का संयुक्त भाषाई क्षेत्र |
| 88 | गोड़वाड़ क्षेत्र | लूनी नदी का दक्षिण-पूर्वी बहाव क्षेत्र (पाली-जालौर) |
| 89 | छप्पन का मैदान | प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा के बीच 56 गांवों का समूह |
| 90 | भौमट क्षेत्र | उदयपुर, सिरोही व डूंगरपुर का दुर्गम भील बाहुल्य क्षेत्र |
| 91 | ऊपरमाल का पठार | भैंसरोड़गढ़ से बिजौलिया तक का पथरीला पठार |
| 92 | डांग क्षेत्र | चंबल नदी का बीहड़ क्षेत्र (करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर) |
| 93 | मत्स्य संघ | अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली का प्राचीन क्षेत्र |
| 94 | जंगल देश (जांगल) | बीकानेर और जोधपुर का उत्तरी भाग |
| 95 | शाकंभरी / सपादलक्ष | सांभर झील और उसके आसपास का चौहान साम्राज्य क्षेत्र |
| 96 | गिरवा (उदयपुर) | उदयपुर के चारों ओर फैली तश्तरीनुमा पहाड़ियां |
| 97 | लाठी सीरीज (जैसलमेर) | भूमिगत मीठे जल की भूगर्भीय पट्टी (सेवण घास का मैदान) |
| 98 | सम गाँव (जैसलमेर) | पूर्णतः वनस्पतिविहीन मरुस्थलीय क्षेत्र |
| 99 | तालछापर (चूरू) | काले हिरणों (कृष्णमृग) का संसार |
| 100 | सीतामाता (प्रतापगढ़) | उड़न गिलहरियों का स्वर्ग |
| 101 | सज्जनगढ़ (उदयपुर) | मेवाड़ का मुकुटमणि |
| 102 | गढ़ गणेश (जयपुर) | बिना सूंड वाले गणेश जी का मंदिर |
| 103 | गलताजी (जयपुर) | मंकी वैली (Monkey Valley), उत्तर तोताद्रि |
| 104 | आभानेरी (दौसा) | बावड़ियों का शहर, चाँद बावड़ी की भूमि |
| 105 | बडोली (चित्तौड़गढ़) | शिव मंदिर नक्काशी का बेजोड़ केंद्र |
| 106 | नावा (डीडवाना) | राजस्थान की आदर्श नमक मंडी |
| 107 | गजनेर (बीकानेर) | पानी का शुद्ध दर्पण (गजनेर झील) |
| 108 | कोलायत (बीकानेर) | कपिल मुनि की तपोस्थली |
| 109 | मुकुंदरा हिल्स (कोटा-झालावाड़) | हाड़ौती की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला |
| 110 | रामगढ़ (बारां) | भू-वैज्ञानिक क्रेटर झील (Meteorite Crater Lake) |
| 111 | मकराना (डीडवाना) | संगमरमर की खानों का शहर |
| 112 | हर्षनाथ की पहाड़ी (सीकर) | जीणमाता और पवन चक्कियों की घाटी |
| 113 | लोहारू सीमा | शेखावाटी का उत्तरी प्रवेश द्वार |
| 114 | खेतड़ी (नीम का थाना) | भारत की ताम्र राजधानी |
| 115 | नवलगढ़ (झुंझुनूं) | शेखावाटी की स्वर्ण नगरी, हवेलियों का सिरमौर |
| 116 | मण्डावा (झुंझुनूं) | ओपन आर्ट गैलरी (Open Art Gallery) |
| 117 | गंग नहर (श्रीगंगानगर) | राजस्थान की प्रथम सिंचाई नहर (मरुस्थल की गंगा) |
| 118 | चूलिया जलप्रपात | चंबल नदी का सबसे ऊंचा प्रपात |
| 119 | सिवाना दुर्ग (बालोतरा) | जालोर दुर्ग की कुंजी, कुमटगढ़ |
| 120 | रानीवाड़ा (जालौर) | राजस्थान का कश्मीर (डेयरी उद्योग व पहाड़ी घाटियों हेतु) |
| 121 | गंभीर नदी तट (करौली) | हिंडौन व महावीर जी का पावन जल मार्ग |
| 122 | कालीसिंध-आहू संगम | गागरोन जल दुर्ग (बिना नींव का किला) |
| 123 | तारागढ़ की तलहटी | अजमेर की आनासागर झील घाटी |
| 124 | शेरगढ़ (बारां) | कोसवर्धन दुर्ग, सांपों की शरणस्थली |
| 125 | केलादेवी पहाड़ी (करौली) | त्रिकूट पर्वत, लांगुरिया गीतों की भूमि |
भाग 2: राजस्थान की महान विभूतियों के ऐतिहासिक व प्रचलित उपनाम (126 से 210)
यहाँ राजस्थान के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, कला, साहित्य और समाजसेवा में अप्रतिम योगदान देने वाले महान पुरुषों व महिलाओं के उपनाम तथा उपाधियाँ संकलित हैं।
| क्र.सं. | महान व्यक्तित्व | विशिष्ट उपनाम / ऐतिहासिक उपाधि |
|---|---|---|
| 126 | महाराणा प्रताप | कीका (बचपन का नाम), मेवाड़ केसरी, हल्दीघाटी का शेर |
| 127 | महाराणा सांगा | हिंदू पथ, सैनिकों का भग्नावशेष (80 घावों के कारण) |
| 128 | राणा हम्मीर | मेवाड़ का उद्धारक, वीर राजा, विषम घाटी पंचानन |
| 129 | राव चंद्रसेन | मारवाड़ का प्रताप, प्रताप का अग्रगामी, भूला-बिसरा राजा |
| 130 | महाराजा गंगा सिंह | आधुनिक भारत का भागीरथ, राजस्थान का भागीरथ |
| 131 | गोकुल भाई भट्ट | राजस्थान के गांधी |
| 132 | जयनारायण व्यास | मारवाड़ के गांधी, शेर-ए-राजस्थान, धुन के धनी, लक्कड़ व फक्कड़ |
| 133 | माणिक्यलाल वर्मा | मेवाड़ के गांधी |
| 134 | भोगीलाल पंड्या | वागड़ के गांधी |
| 135 | मास्टर प्यारेलाल गुप्ता | चिड़ावा के गांधी |
| 136 | जमनालाल बजाज | गांधीजी के पांचवें पुत्र, गुलाम नंबर चार |
| 137 | कर्नल जेम्स टॉड | घोड़े वाले बाबा, राजस्थान इतिहास के जनक (पितामह) |
| 138 | मुहणोत नैणसी | राजस्थान का अबुल फजल |
| 139 | मोतीलाल तेजावत | आदिवासियों का मसीहा, बावजी |
| 140 | राव लूणकरण | कलयुग का कर्ण |
| 141 | महाराजा रायसिंह | राजपूताने का कर्ण |
| 142 | कविराज श्यामलदास | 'वीर विनोद' के रचयिता, केसर-ए-हिंद |
| 143 | हरिभाऊ उपाध्याय | दा साहब |
| 144 | सिद्धराज ढड्ढा | राजस्थान में सर्वोदय आंदोलन के प्रणेता |
| 145 | विजय सिंह पथिक | राष्ट्रीय पथिक, राजस्थान में किसान आंदोलन के जनक |
| 146 | राव गोपाल सिंह खरवा | राजस्थान में सशस्त्र क्रांति के जनक |
| 147 | दामोदर दास राठी | स्वतंत्रता आंदोलन के भामाशाह |
| 148 | अर्जुन लाल सेठी | जयपुर में राष्ट्रीय चेतना के जनक |
| 149 | केसरी सिंह बारहट | राजस्थान के क्रांतिकारी कवि (चेतावनी रा चूंगट्या के लेखक) |
| 150 | कुंवर प्रताप सिंह बारहट | राजस्थान का बाल शहीद (बरेली जेल के अमर सेनानी) |
| 151 | राव शेखा | शेखावाटी के संस्थापक, महान प्रतापी योद्धा |
| 152 | राव जोधा | मारवाड़ के वास्तविक निर्माता, जोधपुर के संस्थापक |
| 153 | राव मालदेव | 52 युद्धों का विजेता, हशमत वाला राजा |
| 154 | वीर दुर्गादास राठौड़ | मारवाड़ का अणबिंदिया मोती, राठौड़ों का यूलीसिस |
| 155 | झाला मन्ना | महाराणा प्रताप के प्राण रक्षक (हल्दीघाटी युद्ध) |
| 156 | भामाशाह | मेवाड़ के रक्षक, दानवीर शिरोमणि |
| 157 | राणा कुंभा | अभिनव भरताचार्य, हिंदू सुरताण, हाल गुरु, छाप गुरु |
| 158 | पन्ना धाय | स्वामीभक्ति की अद्वितीय मिसाल (उदयसिंह की प्राण रक्षक) |
| 159 | हाड़ी रानी (सहजल कंवर) | शीश दान देने वाली वीरांगना (सैलह कँवर) |
| 160 | रूठी रानी (उमादे) | इतिहास की सबसे स्वाभिमानी रानी (राव मालदेव की पत्नी) |
| 161 | मीराबाई | राजस्थान की राधा, भक्ति की मंदाकिनी |
| 162 | अल्लाह जिलाई बाई | मरु कोकिला (केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देस की गायिका) |
| 163 | गवरी बाई | वागड़ की मीरा |
| 164 | कन्हैयालाल सेठिया | पीथल और पाथल के अमर सर्जक, मरुधरा के राष्ट्रकवि |
| 165 | कृपाल सिंह शेखावत | ब्लू पॉटरी (Blue Pottery) के जादूगर |
| 166 | पंडित ताड़केश्वर शर्मा | शेखावाटी के लोकनायक |
| 167 | रामकिशन सोलंकी | नगाड़े के जादूगर |
| 168 | जहूर खाँ मेवाती | भपंग के जादूगर |
| 169 | साकर खाँ | कामायचा के जादूगर |
| 170 | कर्ण भील | नड़ वादन के जादूगर |
| 171 | भंवरलाल स्वर्णकार | कला के चितेरे |
| 172 | सौभाग्यमल गहलोत | नीड़ का चितेरा |
| 173 | परमानंद चोयल | भैंसों का चितेरा |
| 174 | जगमोहन माथोडिया | श्वान (कुत्तों) का चितेरा |
| 175 | देवकी नंदन शर्मा | प्रकृति व पक्षियों के चितेरे |
| 176 | गोकुल जी वर्मा | शेर-ए-भरतपुर |
| 177 | सूर्यमल मिश्रण | राजस्थान के राज्य कवि, वीर रस के अवतार |
| 178 | पृथ्वीराज राठौड़ | पीथल, डिंगल का हेरोस |
| 179 | कुंवर चूड़ा | मेवाड़ का भीष्म पितामह |
| 180 | मुंशी देवीप्रसाद | मारवाड़ का इतिहासकार, नैणसी को अबुल फजल कहने वाले |
| 181 | राजेंद्र सिंह | जोहड़ वाले बाबा (Waterman of India) |
| 182 | अशोक टांक | कैमलमैन (Camel Man of India) |
| 183 | कैलाश सांखला | टाइगर मैन ऑफ इंडिया (Tiger Man) |
| 184 | मेहाजी मांगलिया | मारवाड़ के परम पूज्य पंचपीर योद्धा |
| 185 | वीर तेजाजी | काला और बाला के देवता, गौ-रक्षक महापुरुष |
| 186 | गोगाजी चौहान | जाहरपीर, सांपों के देवता |
| 187 | पाबूजी राठौड़ | प्लेग रक्षक देवता, ऊंटों के देवता |
| 188 | बाबा रामदेव | रामापीर, रुणेचा रा धणी, साम्प्रदायिक एकता के देव |
| 189 | देवनारायण जी | विष्णु के अवतार, औषधीय ज्ञान के प्रणेता |
| 190 | संत पीपाजी | दर्जी समुदाय के आराध्य, भक्ति आंदोलन के प्रथम प्रणेता |
| 191 | संत जाम्भोजी | पर्यावरण वैज्ञानिक (विश्नोई संप्रदाय के संस्थापक) |
| 192 | संत जसनाथ जी | अग्नि नृत्य साधना के प्रणेता |
| 193 | संत दादू दयाल | राजस्थान का कबीर |
| 194 | संत मावजी | वागड़ के निष्कलंकी अवतार |
| 195 | ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती | गरीब नवाज, सुल्तान-उल-हिंद |
| 196 | नरहड़ के पीर | बांगड़ के धनी |
| 197 | संत दुर्लभजी | राजस्थान का नरसिंह |
| 198 | बालमुकुंद बिस्सा | राजस्थान का जतिन दास |
| 199 | सागरमल गोपा | जैसलमेर का अमर सेनानी (गुंडाराज पुस्तक के लेखक) |
| 200 | कालीबाई भील | साक्षरता की अमर शहीद भील बालिका |
| 201 | श्रीमती सत्यभामा | गांधीजी की मानस पुत्री |
| 202 | श्रीमती नारायणी देवी | मेवाड़ में महिला शिक्षा व जनजागृति की अग्रदूत |
| 203 | श्रीमती किशोरी देवी | कटराथल महिला सम्मेलन की ऐतिहासिक नेत्री |
| 204 | श्रीमती अंजना देवी चौधरी | राजस्थान की प्रथम महिला जो स्वतंत्रता आंदोलन में जेल गईं |
| 205 | श्रीमती रतन शास्त्री | वनस्थली विद्यापीठ की संस्थापिका |
| 206 | डॉ. नगेंद्र सिंह | अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के प्रथम भारतीय मुख्य न्यायाधीश |
| 207 | डॉ. दौलत सिंह कोठारी | देश के महान वैज्ञानिक व कोठारी शिक्षा आयोग के अध्यक्ष |
| 208 | मोहनलाल सुखाड़िया | आधुनिक राजस्थान के निर्माता |
| 209 | भैरोंसिंह शेखावत | बाबोसा, राजस्थान का शेर |
| 210 | कपूरचंद कुलिश | राजस्थान में निर्भीक पत्रकारिता के जनक |
विशेष नोट: यह संकलन राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों तथा मरुधरा की संस्कृति व इतिहास में रुचि रखने वाले सुधी पाठकों के लिए एक प्रामाणिक संदर्भ मार्गदर्शिका है।
राजस्थान के इस ऐतिहासिक, भौगोलिक और विभूति-परक कोष को उसकी चरम सीमा तक पहुँचाते हुए, यहाँ 211 से लेकर 315 तक (105 अतिरिक्त महा-प्रविष्टियाँ) की अंतिम व विस्तृत इंडेक्स तालिका दी जा रही है।
इस सूची में हमने राजस्थान के दुर्गों, महलों, ऐतिहासिक घटनाओं, प्राचीन युद्धस्थलों, लोक-कलाओं के सिद्धहस्त कलाकारों तथा आधुनिक समाज सुधारकों के अनूठे उपनामों व उपाधियों को संकलित किया है:
राजस्थान के नाम, उपनाम व उपाधियाँ (211 से 315)
| क्र.सं. | आधुनिक नाम / विभूति / स्थल | प्राचीन नाम / ऐतिहासिक पहचान | विशिष्ट उपनाम या उपाधि | वर्तमान जिला/क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|
| 211 | गागरोन दुर्ग | डोडगढ़ / धूलरगढ़ | जलदुर्गों का सिरमौर, बिना नींव का अभेद्य किला | झालावाड़ |
| 212 | कुंभलगढ़ दुर्ग | मछिन्द्रपुर / हेमकूट | मेवाड़ की संकटकालीन राजधानी, अरावली की आँख | राजसमन्द |
| 213 | भटनेर दुर्ग | भटनेर | उत्तरी सीमा का प्रहरी, उत्तरी भड़ किवाड़ | हनुमानगढ़ |
| 214 | मेहरानगढ़ दुर्ग | मयूरध्वजगढ़ / गढ़ चिंतामणि | कागमुखी दुर्ग, मरुधरा का मुकुट | जोधपुर |
| 215 | चित्तौड़गढ़ दुर्ग | चित्रकूट | दुर्गों का सिरमौर, राजस्थान का दक्षिण-पूर्वी द्वार | चित्तौड़गढ़ |
| 216 | रणथंभौर दुर्ग | रंतःपुर | बख्तरबंद किला (कर्नल टॉड व अबुल फजल के अनुसार) | सवाई माधोपुर |
| 217 | जालौर दुर्ग | सुवर्णगिरि | सोनलगढ़, अजेय दुर्ग (जिसका द्वार कोई आक्रमणकारी नहीं खोल सका) | जालौर |
| 218 | तारागढ़ (अजमेर) | गढ़ बीठली | राजस्थान का जिब्राल्टर | अजमेर |
| 219 | लोहागढ़ दुर्ग | मिट्टी का किला | पूर्वी सीमा का प्रहरी, अजेय दुर्ग | भरतपुर |
| 220 | सिवाना दुर्ग | कुमट दुर्ग | मारवाड़ के राजाओं की शरणस्थली, जालौर दुर्ग की कुंजी | बालोतरा |
| 221 | चूरू का किला | - | चांदी के गोले दागने वाला ऐतिहासिक दुर्ग | चूरू |
| 222 | शेरगढ़ दुर्ग (धौलपुर) | दकन का द्वार | दक्षिण का द्वारगढ़ | धौलपुर |
| 223 | जूनागढ़ (बीकानेर) | राती घाटी का किला | जमीन का जेवर | बीकानेर |
| 224 | अकबर का किला | मैगजीन दुर्ग | दौलतखाना, पूर्णतः मुगल शैली में बना किला | अजमेर |
| 225 | चौमुहाँगढ़ | धाराधारगढ़ | रघुनाथगढ़, जयपुर का सीमांत रक्षक दुर्ग | जयपुर ग्रामीण |
| 226 | जैतसर यांत्रिक फार्म | - | मरुस्थल का हरित नखलिस्तान | अनूपगढ़ |
| 227 | मोलेला गाँव | - | मृण्मूर्ति (टेराकोटा) कला का वैश्विक केंद्र | राजसमन्द |
| 228 | थावला | - | नागौरी बैलों का सुप्रसिद्ध क्रय-विक्रय केंद्र | नागौर |
| 229 | कुड़की | - | मीराबाई का पावन जन्मस्थान | ब्यावर |
| 230 | कालीबंगा टीला | - | हड़प्पा सभ्यता की तीसरी राजधानी (दशरथ शर्मा के अनुसार) | हनुमानगढ़ |
| 231 | नीमराना बावड़ी | - | राजस्थान की सबसे बड़ी नौ मंजिला बावड़ी | कोटपूतली-बहरोड़ |
| 232 | केसरियाजी (धूलेव) | ऋषभदेव जी | आदिवासियों के 'कालाजी', केसरियानाथ जी | उदयपुर |
| 233 | मचकुण्ड | - | तीर्थों का भांजा | धौलपुर |
| 234 | नारायणी माता धाम | - | नाई समाज की कुलदेवी का अरावली में स्थित धाम | अलवर |
| 235 | हर्षद माता मंदिर | - | महामारू शैली की वास्तुकला का अनुपम केंद्र (आभानेरी) | दौसा |
| 236 | चांद बावड़ी | - | तिलिस्मी बावड़ी (कलात्मक स्थापत्य का बेजोड़ नमूना) | दौसा |
| 237 | कल्याण जी (डिग्गी) | - | कलियुग के तारणहार, डिग्गीपुरी के राजा | टोंक |
| 238 | अचलगढ़ | अर्बुद दुर्ग | परमारों का प्राचीन किला, सावन-भादो झील स्थल | सिरोही |
| 239 | नक्की झील | - | देवताओं के नाखूनों से खुदी पौराणिक झील | सिरोही |
| 240 | गुरुशिखर | - | संतों का शिखर (कर्नल जेम्स टॉड द्वारा प्रदत्त) | सिरोही |
| 241 | जगत अंबिका मंदिर | - | मेवाड़ का खजुराहो, मातृ शक्ति की प्राचीन पीठ | उदयपुर |
| 242 | गोगुन्दा की पहाड़ियाँ | - | मेवाड़-मालवा सीमा का दुर्गम पहाड़ी प्रवेश मार्ग | उदयपुर |
| 243 | चारभुजा नाथ | गढ़बोर | मेवाड़ के सुप्रसिद्ध चार धामों में से एक | राजसमन्द |
| 244 | सुंधा पर्वत | - | राजस्थान का पहला रोपवे स्थल, भालू अभ्यारण्य | जालौर |
| 245 | किराडू के मंदिर | किरातकूप | मरुधरा का कलात्मक शिल्प मंदिर संकुल | बाड़मेर |
| 246 | तनोट माता मंदिर | - | थार की वैष्णो देवी, रुमाली देवी, फौजियों की देवी | जैसलमेर |
| 247 | चूलिया प्रपात | - | चंबल नदी का विशालतम जल प्रपात | चित्तौड़गढ़ |
| 248 | रावतभाटा | - | अणु नगरी (Atomic City of Rajasthan) | चित्तौड़गढ़ |
| 249 | बिजौलिया पठार | ऊपरमाल | ऐतिहासिक किसान जागृति का प्राचीन केंन्द्र | भीलवाड़ा |
| 250 | जहाजपुर | जगती | सर्वदमन दुर्ग, महाभारत कालीन ऐतिहासिक स्थल | शाहपुरा |
| 251 | सांगानेर | संग्रामपुर | हस्तनिर्मित कागज (Handmade Paper) की वैश्विक नगरी | जयपुर |
| 252 | बगरू | - | बेल-बूटेदार प्राकृतिक छपाई (बगरू प्रिंट) का केंद्र | जयपुर ग्रामीण |
| 253 | भानगढ़ | - | भूतों का भानगढ़, पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित खंडहर | अलवर |
| 254 | सिलिसेढ़ झील | - | राजस्थान का नंदनकानन | अलवर |
| 255 | तिजारा | - | जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर चंद्रप्रभु की पावन भूमि | खैरथल-तिजारा |
| 256 | कामा | कद्रुप वन | ब्रज चौरासी कोस यात्रा का प्रमुख पड़ाव | डीग |
| 257 | भंडदेवरा | - | हाड़ौती का खजुराहो, पंचायतन शैली का शिव मंदिर | बारां |
| 258 | शाकंभरी | सकराय माता | खंडेलवालों की कुलदेवी का दुर्गम पर्वत धाम | नीम का थाना |
| 259 | लोहार्गल | - | मालकेतु पर्वत की चौबीस कोसी परिक्रमा का मुख्य धाम | नीम का थाना |
| 260 | मण्ड्रेला | - | शेखावाटी का प्राचीन मुख्य द्वार | झुंझुनूं |
| 261 | पिलानी | - | मरुस्थल का शिक्षा हब (BITS पिलानी) | झुंझुनूं |
| 262 | सालासर धाम | - | दाढ़ी-मूंछ वाले बालाजी महाराज का सिद्धपीठ | चूरू |
| 263 | तालछापर | - | द्रोणपुर (महाभारत कालीन गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम) | चूरू |
| 264 | पदमपुर | - | मरुगंगा कमाण्ड क्षेत्र की सबसे बड़ी धान मंडी | श्रीगंगानगर |
| 265 | घड़साना | - | किसान चेतना व नहर सिंचाई आंदोलन का गढ़ | अनूपगढ़ |
| 266 | राव जोधा | - | जोधपुर नगर के संस्थापक, मरुधरा के प्रतापी शासक | जोधपुर |
| 267 | राव मालदेव | - | हशमत वाला शासक, फारसी इतिहासकारों द्वारा कहा गया महान हिंदू राजा | मारवाड़ |
| 268 | दुर्गादास राठौड़ | - | मारवाड़ का अनबिंध्या मोती, राठौड़ों का यूलीसिस (टॉड के अनुसार) | मारवाड़ |
| 269 | कवि सूर्यमल्ल मीसण | - | वीर रस के अवतार, राजस्थान के राज्य कवि | बूंदी |
| 270 | कविराज बांकीदास | - | मारवाड़ के बीरबल, बांकीदास री ख्यात के लेखक | मारवाड़ |
| 271 | मुहणोत नैणसी | - | राजस्थान का अबुल फजल (मुंशी देवीप्रसाद द्वारा प्रदत्त) | मारवाड़ |
| 272 | महाराजा अनूप सिंह | - | माही भरातिव की उपाधि पाने वाले विद्वान शासक | बीकानेर |
| 273 | कविराज श्यामलदास | - | इतिहास मनीषी, केसर-ए-हिंद, वीर विनोद के अमर लेखक | मेवाड़ |
| 274 | राव गोपाल सिंह | - | राजस्थान में सशस्त्र क्रांति के जनक (खरवा ठिकाना) | अजमेर |
| 275 | केसरी सिंह बारहट | - | राजस्थान के शेर, डिंगल के अमर राष्ट्रभक्त कवि | शाहपुरा |
| 276 | जोरावर सिंह बारहट | - | राजस्थान का चंद्रशेखर आज़ाद (जो कभी पकड़े नहीं गए) | शाहपुरा |
| 277 | विजय सिंह पथिक | भूप सिंह (मूल नाम) | भारत में किसान आंदोलनों के पितामह | भीलवाड़ा |
| 278 | मोतीलाल तेजावत | - | आदिवासियों का मसीहा, भीलों के बावजी | मेवाड़ |
| 279 | गोविंद गुरु | - | भील समाज सुधारक, सम्पद सभा (1883) के प्रणेता | डूंगरपुर-बांसवाड़ा |
| 280 | हरिदेव जोशी | - | राजस्थान के चाणक्य (तीन बार मुख्यमंत्री रहे राजनीतिज्ञ) | बांसवाड़ा |
| 281 | भैरोंसिंह शेखावत | - | बाबोसा, राजस्थान का शेर (पूर्व उप-राष्ट्रपति) | सीकर |
| 282 | मोहनलाल सुखाड़िया | - | आधुनिक राजस्थान का निर्माता (सर्वाधिक समय तक मुख्यमंत्री) | उदयपुर |
| 283 | अर्जुन लाल सेठी | - | जयपुर में जैन वर्धमान विद्यालय व राष्ट्रीय चेतना के जनक | जयपुर |
| 284 | जमनालाल बजाज | - | गांधी जी का पांचवां पुत्र, गुलाम नंबर चार | सीकर |
| 285 | गोकुल भाई भट्ट | - | राजस्थान के गांधी (हाथल गाँव के मूल निवासी) | सिरोही |
| 286 | भोगीलाल पंड्या | - | वागड़ के गांधी (हरिजन सेवा समिति के संस्थापक) | डूंगरपुर |
| 287 | मास्टर प्यारेलाल | - | चिड़ावा के गांधी (अमर राष्ट्रभक्त शिक्षक) | झुंझुनूं |
| 288 | सिद्धराज ढड्ढा | - | सर्वोदय और गांधीवादी विचारधारा के अनन्य चिंतक | जयपुर |
| 289 | पन्नाधाय | - | त्याग और बलिदान की अद्वितीय देवी (उदयसिंह की प्राणरक्षक) | मेवाड़ |
| 290 | हाड़ी रानी सैलह कंवर | सहजल कंवर | शीश काटकर युद्ध निशानी देने वाली अमर वीरांगना | सलूंबर |
| 291 | रूठी रानी | उमादे भट्टाणी | इतिहास की सर्वाधिक स्वाभिमानी रानी (जैसलमेर की राजकुमारी) | मारवाड़ |
| 292 | मीराबाई | - | राजस्थान की राधा, प्रेमाभक्ति की सर्वोच्च शिखर | ब्यावर/चित्तौड़ |
| 293 | गवरी देवी | - | मारवाड़ की मरु कोकिला (प्रसिद्ध मांड गायिका) | जोधपुर |
| 294 | अल्लाह जिलाई बाई | - | राजस्थान की स्वर कोकिला (पद्मश्री मांड गायिका) | बीकानेर |
| 295 | कृपाल सिंह शेखावत | - | ब्लू पॉटरी के जादूगर (शिल्प गुरु उपाधि प्राप्त) | सीकर/जयपुर |
| 296 | जानकीलाल भांड | - | मंकी मैन (विश्व विख्यात बहरूपिया कलाकार) | भीलवाड़ा |
| 297 | साकर खाँ माँगणीयार | - | कामायचा वादक के अंतरराष्ट्रीय जादूगर | जैसलमेर |
| 298 | कर्ण भील | - | नड़ वादन के विश्व विख्यात कलाकार | जैसलमेर |
| 299 | राजेंद्र सिंह | - | जोहड़ वाले बाबा (Waterman of India) | अलवर |
| 300 | कैलाश सांखला | - | टाइगर मैन ऑफ इंडिया (Project Tiger के प्रथम निदेशक) | जोधपुर |
| 301 | अशोक टांक | - | कैमल मैन (Camel Man, ऊंटों के संरक्षण के वैश्विक दूत) | पुष्कर/अजमेर |
| 302 | संत दादू दयाल | - | राजस्थान के कबीर, दादू पंथ के महान समाज सुधारक | नरेना/जयपुर |
| 303 | संत जाम्भोजी | - | विश्व के प्रथम पर्यावरण वैज्ञानिक, बिश्नोई संप्रदाय के देव | बीकानेर |
| 304 | संत जसनाथ जी | - | जसनाथी सिद्धों व अग्नि नृत्य साधना के प्रणेता | कतरियासर/बीकानेर |
| 305 | संत मावजी | - | वागड़ के निष्कलंकी अवतार, चौपड़ों के अमर लेखक | डूंगरपुर |
| 306 | नरहड़ के पीर | हजरत शकरबार शाह | बागड़ के धनी, साम्प्रदायिक सद्भाव के सूफी संत | झुंझुनूं |
| 307 | बाबा रामदेव जी | - | रामसा पीर, रुणेचा रा धणी, कृष्ण के कलयुगी अवतार | जैसलमेर |
| 308 | वीर तेजाजी | - | धोल्या वीर, गायों के मुक्तिदाता, कृषि कार्यों के उपकारक देव | नागौर/ब्यावर |
| 309 | पाबूजी राठौड़ | - | लक्ष्मण के अवतार, हाड़-फाड़ के देवता, प्लेग रक्षक देव | फलोदी |
| 310 | देवनारायण जी | उदय सिंह (बचपन का नाम) | विष्णु के अवतार, आयुर्वेद व नीम के पत्तों के औषधीय देव | आसींद/भीलवाड़ा |
| 311 | कालीबाई भील | - | रास्तापाल कांड की वीर शहीद भील बालिका | डूंगरपुर |
| 312 | बालमुकुंद बिस्सा | - | राजस्थान के जतिन दास (जेल में भूख हड़ताल से शहीद) | जोधपुर/डीडवाना |
| 313 | सागरमल गोपा | - | जैसलमेर में गुंडाराज पुस्तक के लेखक (अमर बलिदानी) | जैसलमेर |
| 314 | श्रीमती किशोरी देवी | - | कटराथल में 10 हजार महिलाओं का ऐतिहासिक नेतृत्व करने वाली शेरनी | सीकर |
| 315 | डॉ. दौलत सिंह कोठारी | - | रक्षा वैज्ञानिक व भारत के प्रख्यात शिक्षाशास्त्री (कोठारी आयोग) | उदयपुर |
ऐतिहासिक व भौगोलिक निष्कर्ष:
- त्रिवेणी संगम: राजस्थान में बेणेश्वर (सोम-माही-जाखम) और सवाई माधोपुर के रामेश्वरम (चंबल-बनास-सीप) जैसे पवित्र त्रिवेणी संगमों को 'आदिवासियों का महाकुंभ' और 'तीर्थों का संगम' कहा जाता है।
- जनपदीय संस्कृति: कुरु, साल्व, मत्स्य और शूरसेन जैसे प्राचीन जनपद आज भी क्रमशः अलवर, भरतपुर, कोटपूतली और करौली की सांस्कृतिक पहचान (भौगोलिक सीमाओं) के आधार स्तंभ हैं।
- शौर्य और भक्ति का समन्वय: राजस्थान की इस पावन धरा को "वीर प्रसूता" (शौर्य को जन्म देने वाली) और "भक्ति रस की मंदाकिनी" (मीरा, दादू व लोक-संतों की भूमि) के सुंदर उपनामों से विभूषित किया जाता है।
राजस्थान के इस विराट ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक संदर्भ-कोष को उसकी पूर्णता (अंतिम शिखर) तक पहुँचाते हुए, यहाँ 316 से लेकर 420 तक (105 अतिरिक्त महा-प्रविष्टियाँ) की अगली विस्तृत इंडेक्स तालिका दी जा रही है।
इस सूची में हमने नवगठित जिलों की सांस्कृतिक पहचान, विशिष्ट लोक-उत्सवों के केंद्र, मध्यकालीन व्यापारिक मार्गों के उपनाम, स्थापत्य कला की अनूठी इमारतों और आधुनिक विकास के नए प्रतीकों (Economic & Cultural Landmarks) को समाहित किया है:
राजस्थान के नाम, उपनाम व उपाधियाँ (316 से 420)
| क्र.सं. | आधुनिक नाम / विभूति / स्थल | प्राचीन नाम / ऐतिहासिक पहचान | विशिष्ट उपनाम या उपाधि | वर्तमान जिला/क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|
| 316 | अलवर दुर्ग | बाला किला | कुंवारा किला (जिस पर कभी बड़ा आक्रमण या अधिकार नहीं हुआ) | अलवर |
| 317 | अकबर का दौलतखाना | मैगजीन दुर्ग | शस्त्रागार, सर थॉमस रो और जहांगीर की ऐतिहासिक मुलाकात का गवाह | अजमेर |
| 318 | तारागढ़ (बूंदी) | - | भित्तिचित्रों का स्वर्ग (Garh Palace Frescoes) | बूंदी |
| 319 | मांडलगढ़ दुर्ग | - | कटोरानुमा आकृति का ऐतिहासिक दुर्ग | भीलवाड़ा |
| 320 | तिमनगढ़ दुर्ग | त्रिभुवनगढ़ | मूर्तियों की तस्करी के लिए चर्चा में रहा प्राचीन दुर्ग | करौली |
| 321 | ऊँटला का किला | - | चूड़ावतों और शक्तावतों के अभूतपूर्व शौर्य (हरावल प्रतियोगिता) का साक्षी | उदयपुर |
| 322 | कांकनवाड़ी दुर्ग | - | सरिस्का अभ्यारण्य के मध्य स्थित किला, जहाँ औरंगज़ेब ने दारा शिकोह को कैद किया था | अलवर |
| 323 | कोटड़ा का किला | - | रेगिस्तान के बीच पत्थरों की विशाल चिनाई का प्राचीन मारवाड़ दुर्ग | बाड़मेर |
| 324 | फतेहपुर दुर्ग | - | कायमखानी संस्कृति और शेखावाटी का स्थापत्य केंद्र | सीकर |
| 325 | लक्ष्मणगढ़ दुर्ग | बेड़ पहाड़ी | शेखावाटी की सुंदर वास्तुकला और हवेलियों का रक्षक दुर्ग | सीकर |
| 326 | केलादेवी अभ्यारण्य | - | डांग क्षेत्र का प्रमुख वन्यजीव आश्रय स्थल | करौली |
| 327 | रामगढ़ विषधारी | - | राजस्थान का चौथा टाइगर रिजर्व (रणथंभौर के बाघों का जच्चा घर) | बूंदी |
| 328 | कनक वृंदावन | - | जयपुर की घाटी में स्थित वृंदावन की तर्ज पर बना सुंदर बाग | जयपुर |
| 329 | विद्याधर बाग | - | जयपुर के वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य की स्मृति में बना नौ-चौकी बाग | जयपुर |
| 330 | सहेलियों की बाड़ी | - | महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय द्वारा निर्मित रानियों का सुरम्य उद्यान | उदयपुर |
| 331 | गुलाब बाग | सज्जन निवास गार्डन | राजस्थान का ऐतिहासिक व सुंदर चिड़ियाघर और गुलाब उद्यान | उदयपुर |
| 332 | छतर विलास बाग | - | हाड़ौती शासकों की कलात्मक छतरियों का सुंदर उपवन | कोटा |
| 333 | केसर बाग | - | धौलपुर राजवंश का ऐतिहासिक शाही उद्यान व वन्यजीव क्षेत्र | धौलपुर |
| 334 | अशोक विहार | - | मृग वन (Deer Park) और प्राकृतिक शांति का केंद्र | जयपुर |
| 335 | माचिया सफारी पार्क | - | देश का प्रथम मरुस्थलीय वनस्पति और मरु-जीव पार्क | जोधपुर |
| 336 | कायलाना झील | - | जोधपुर को पेयजल आपूर्ति करने वाली ऐतिहासिक कृत्रिम झील | जोधपुर |
| 337 | बालसमंद झील | - | परिहार शासकों द्वारा निर्मित मारवाड़ की प्राचीन सुरम्य झील | जोधपुर |
| 338 | उम्मेद भवन पैलेस | छितर पैलेस | विश्व का सबसे बड़ा रिहायशी महल (छितर पत्थरों से निर्मित) | जोधपुर |
| 339 | सिटी पैलेस (जयपुर) | चंद्र महल | सात मंजिला भव्य राजप्रासाद, कछवाहा स्थापत्य का मुकुट | जयपुर |
| 340 | सिटी पैलेस (उदयपुर) | - | फर्ग्यूसन द्वारा 'राजस्थान के विंडसर महलों' की उपमा प्राप्त भव्य इमारत | उदयपुर |
| 341 | जग मंदिर पैलेस | - | पिछोला झील के मध्य स्थित महल (शाहजहाँ को विद्रोह के समय शरण देने वाला स्थल) | उदयपुर |
| 342 | जग निवास पैलेस | लेक पैलेस | विश्वविख्यात हेरिटेज होटल (झीलों के बीच तैरता हुआ महल) | उदयपुर |
| 343 | जल महल (जयपुर) | - | मानसागर झील के मध्य स्थित कछवाहा राजाओं का आमोद-प्रमोद महल | जयपुर |
| 344 | सुख महल | - | जैतसागर झील के किनारे स्थित, जहाँ रूडयार्ड किपलिंग ने रुककर लेखन किया था | बूंदी |
| 345 | छत्र महल / रंगमहल | - | बूंदी शैली के विश्वप्रसिद्ध भित्तिचित्रों (शिलालेखों) का मुख्य दीर्घा | बूंदी |
| 346 | काठ का रैन बसेरा | - | लकड़ी से निर्मित झालावाड़ का ऐतिहासिक विश्राम गृह (अब एक धरोहर) | झालावाड़ |
| 347 | सुनहरी कोठी | शीश महल | कांच, सोने की नक्काशी और पच्चीकारी के लिए प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारत | टोंक |
| 348 | हवा महल (कोटा) | - | महाराव रामसिंह द्वारा निर्मित कोटा का छोटा हवा महल | कोटा |
| 349 | लालगढ़ पैलेस | - | महाराजा गंगासिंह द्वारा अपने पिता लालसिंह की स्मृति में निर्मित लाल पत्थरों का महल | बीकानेर |
| 350 | गजनेर पैलेस | - | वन्यजीव अभ्यारण्य के किनारे स्थित बीकानेर राजाओं का ग्रीष्मकालीन महल | बीकानेर |
| 351 | सालिम सिंह की हवेली | - | जहाज की आकृति जैसी नौ मंजिला कलात्मक हवेली (नक्काशी का बेजोड़ नमूना) | जैसलमेर |
| 352 | पटवों की हवेली | - | पाँच भाइयों द्वारा निर्मित जैसलमेर की सबसे बड़ी और भव्य पत्थर की हवेली | जैसलमेर |
| 353 | नथमल की हवेली | - | हाथी और लालू नामक दो भाइयों द्वारा बिना किसी नक्शे के बनाई गई बेजोड़ हवेली | जैसलमेर |
| 354 | बागोर की हवेली | - | विश्व की सबसे बड़ी पगड़ी को सहेजने वाला संग्रहालय (पिछोला झील तट) | उदयपुर |
| 355 | पुंडरीक जी की हवेली | - | जयपुर रियासत काल के सबसे प्राचीन भित्तिचित्रों से सुसज्जित हवेली | जयपुर |
| 356 | राणी जी की बावड़ी | - | बावड़ियों का सिरमौर (रानी नाथावती द्वारा निर्मित कलात्मक बावड़ी) | बूंदी |
| 357 | नौमंजिला बावड़ी | - | नीमराना की सबसे गहरी और वास्तुकला से भरपूर प्राचीन बावड़ी | कोटपूतली-बहरोड़ |
| 358 | पन्ना मीणा की कुंड | - | जयपुर की सबसे सुंदर और सममित सीढ़ियों वाली ऐतिहासिक बावड़ी | जयपुर |
| 359 | दूध बावड़ी | - | अरावली पर्वत के शिखर पर स्थित मीठे जल का प्राकृतिक स्रोत (माउंट आबू) | सिरोही |
| 360 | चमना बावड़ी | - | शाहपुरा के राजा उम्मेद सिंह द्वारा अपनी गणिका चमना की स्मृति में निर्मित | शाहपुरा |
| 361 | त्रिमुखी बावड़ी | - | महाराणा राजसिंह की रानी रामरसदे द्वारा निर्मित ऐतिहासिक बावड़ी | उदयपुर |
| 362 | काकाजी की दरगाह | - | वागड़ का ताजमहल (प्रतापगढ़ की कलात्मक दरगाह) | प्रतापगढ़ |
| 363 | अढ़ाई दिन का झोंपड़ा | - | संस्कृत पाठशाला (विग्रहराज चतुर्थ निर्मित) को तोड़कर बनाई गई पहली मस्जिद | अजमेर |
| 364 | सच्चियाय माता मंदिर | - | ओसवालो की कुलदेवी, सांप्रदायिक सद्भाव का प्राचीन महामारू मंदिर | जोधपुर |
| 365 | एकलिंग जी मंदिर | - | मेवाड़ राजवंश के कुलदेवता (लकुलीश संप्रदाय का मुख्य केंद्र) | उदयपुर |
| 366 | नाथद्वारा मंदिर | श्रीनाथ जी धाम | पुष्टिमार्ग का प्रधान पीठ, पिछवाई चित्रकला की वैश्विक नगरी | राजसमन्द |
| 367 | द्वारकाधीश मंदिर | कांकरोली | पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय का तीसरा प्रमुख पीठ | राजसमन्द |
| 368 | मथुराधीश मंदिर | - | पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय का प्रथम पीठ | कोटा |
| 369 | गोविंद देव जी मंदिर | - | जयपुर राजवंश के आराध्य देव (गौड़ीय संप्रदाय का प्रमुख केंद्र) | जयपुर |
| 370 | मदन मोहन जी मंदिर | - | गौड़ीय संप्रदाय का करौली में स्थित भव्य ऐतिहासिक मंदिर | करौली |
| 371 | सालासर हनुमान | - | दाढ़ी-मूंछ और तिलक वाले एकमात्र हनुमान जी का विख्यात धाम | चूरू |
| 372 | मेहंदीपुर बालाजी | - | प्रेतराज सरकार और बाल रूप हनुमान का चमत्कारी घाटा धाम | दौसा |
| 373 | बुड्ढा जोहड़ | - | राजस्थान का सबसे बड़ा और प्रमुख ऐतिहासिक गुरुद्वारा | अनूपगढ़ |
| 374 | रणकपुर जैन मंदिर | चौमुखा मंदिर | 1444 खंभों का धारिणी शाह द्वारा निर्मित कलात्मक वन | पाली |
| 375 | दिलवाड़ा जैन मंदिर | विमल वसही / लूण वसही | संगमरमर के श्वेत पत्थरों पर सजीव नक्काशी का वैश्विक आश्चर्य | सिरोही |
| 376 | ऋषभदेव मंदिर | केसरियाजी / धुलेव | भील जनजातियों द्वारा 'कालाजी' के रूप में पूजे जाने वाले देव | उदयपुर |
| 377 | सोनी जी की नसियां | लाल मंदिर | स्वर्ण नगरी जैसी कलाकृति से सुसज्जित जैन सिद्धायतन | अजमेर |
| 378 | लोहार्गल धाम | - | पाँडवों के अस्त्र गलने की पौराणिक कथा से जुड़ा तीर्थ | नीम का थाना |
| 379 | पुष्कर झील | अर्धचंद्राकार झील | 52 घाटों वाली भारत की सबसे पवित्र और प्राचीन पौराणिक झील | अजमेर |
| 380 | राजसमंद झील | नौचौकी पाल | 25 शिलालेखों पर उत्कीर्ण 'राजप्रशस्ति' (विश्व का सबसे बड़ा शिलालेख) का स्थल | राजसमन्द |
| 381 | जयसमंद झील | ढेबर झील | एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित मीठे पानी की कृत्रिम झील | सलूंबर |
| 382 | आनासागर झील | - | चौहान राजा अर्णोराज द्वारा निर्मित अजमेर की ऐतिहासिक झील | अजमेर |
| 383 | फायसागर झील | - | अंग्रेज इंजीनियर फाय के निर्देशन में निर्मित बाढ़ राहत की ऐतिहासिक झील | अजमेर |
| 384 | नक्की झील | - | राजस्थान की सबसे ऊँची और सर्दियों में जम जाने वाली एकमात्र झील | सिरोही |
| 385 | सिलीसेढ़ झील | - | अरावली की पहाड़ियों से घिरी राजस्थान की 'नंदनकानन' झील | अलवर |
| 386 | कोलायत झील | - | सांख्य दर्शन के प्रणेता कपिल मुनि का आश्रम व दीपदान का केंद्र | बीकानेर |
| 387 | गजनेर झील | - | शुद्ध पानी का दर्पण कहलाने वाली बीकानेर की ऐतिहासिक झील | बीकानेर |
| 388 | बालसमंद झील | - | जोधपुर के शासकों का सुंदर ग्रीष्मकालीन जल उद्यान क्षेत्र | जोधपुर |
| 389 | गैप सागर झील | - | डूंगरपुर की प्रसिद्ध ऐतिहासिक झील जहाँ बादल महल स्थित है | डूंगरपुर |
| 390 | सांभर झील | साकंभरी | भारत की सबसे बड़ी अंतःस्थलीय खारे पानी की नमक उत्पादक झील | जयपुर/डीडवाना |
| 391 | पचपदरा झील | - | 98% सोडियम क्लोराइड युक्त देश के सर्वश्रेष्ठ नमक की झील | बालोतरा |
| 392 | डीडवाना झील | - | सोडियम सल्फेट (औद्योगिक नमक) उत्पादन की प्रमुख झील | डीडवाना-कुचामन |
| 393 | लूणकरणसर झील | - | मरुस्थल के उत्तर की एकमात्र खारे पानी की छोटी झील | बीकानेर |
| 394 | फलौदी झील | - | जोधपुर-जैसलमेर सीमांत की प्रमुख व्यावसायिक नमक झील | फलोदी |
| 395 | कावद झील | - | जैसलमेर मरुस्थल की आयोडीन युक्त खारे पानी की प्राकृतिक झील | जैसलमेर |
| 396 | पोकरण झील | - | भारत के परमाणु परीक्षण स्थल के समीप की ऐतिहासिक नमकीन झील | जैसलमेर |
| 397 | बाप झील | - | फलोदी क्षेत्र की प्रमुख खारे पानी की झील व सौर ऊर्जा बेल्ट | फलोदी |
| 398 | रेवासा झील | - | सीकर जिले की पौराणिक और ऐतिहासिक खारे पानी की झील | सीकर |
| 399 | शाकंभरी क्षेत्र | सपादलक्ष | चौहानों का मूल उद्गम स्थल व नमक उत्पादन का प्राचीन केंद्र | डीडवाना/जयपुर |
| 400 | मोती झील | - | भरतपुर की जीवन रेखा (Life Line of Bharatpur) कहलाने वाली झील | भरतपुर |
| 401 | सुजान गंगा | - | लोहागढ़ दुर्ग के चारों ओर बनी गहरी खाई जिसमें मोती झील का पानी आता है | भरतपुर |
| 402 | नारायण सागर बांध | - | अजमेर जिले का समुद्र (जीवन रेखा) कहलाने वाला विशाल बांध | अजमेर |
| 403 | बीसलपुर बांध | - | राजस्थान की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना (बनास नदी पर निर्मित) | टोंक |
| 404 | जवाई बांध | - | मारवाड़ का अमृत सरोवर (पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा बांध) | पाली |
| 405 | राणा प्रताप सागर | - | चंबल नदी पर भराव क्षमता की दृष्टि से राज्य का सबसे बड़ा बांध | चित्तौड़गढ़ |
| 406 | माहि बजाज सागर | - | राजस्थान का सबसे लंबा बांध (बांसवाड़ा के बोरखेड़ा में स्थित) | बांसवाड़ा |
| 407 | जाखम बांध | - | जनजातीय क्षेत्र में स्थित राजस्थान का सबसे ऊँचा (81 मीटर) बांध | प्रतापगढ़ |
| 408 | पाँचना बांध | - | मिट्टी से बना राजस्थान का एकमात्र विशाल और पाँच नदियों का बांध | करौली |
| 409 | मेजा बांध | - | कोठारी नदी पर निर्मित, जिसके किनारे 'ग्रीन माउंट' बगीचा विकसित है | भीलवाड़ा |
| 410 | गोगामेड़ी | धुर मेड़ी | लोकदेवता गोगाजी का समाधि स्थल (सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक) | हनुमानगढ़ |
| 411 | ददरेवा | शीश मेड़ी | गोगाजी चौहान का ऐतिहासिक जन्मस्थान व शौर्य पीठ | चूरू |
| 412 | कोलू पाबूजी | - | लोकदेवता पाबूजी राठौड़ का मुख्य पूजा स्थल व मरु मेला केंद्र | फलोदी |
| 413 | आसींद | - | लोकदेवता भगवान श्री देवनारायण की ऐतिहासिक जन्मभूमि | भीलवाड़ा |
| 414 | कातरियासर | - | संत जसनाथ जी की तपोभूमि और प्रसिद्ध 'अग्नि नृत्य' का उद्गम | बीकानेर |
| 415 | नरेना (नारायणा) | - | दादू पंथ की मुख्य गद्दी (पीठ) जहाँ संत दादू दयाल ने समाधि ली | जयपुर |
| 416 | पीपासर | - | पर्यावरण वैज्ञानिक संत जाम्भोजी महाराज का पावन जन्म स्थान | नागौर |
| 417 | मुकाम नोखा | - | विश्नोई संप्रदाय का मुख्य मुक्तिधाम (जाम्भोजी का समाधि स्थल) | बीकानेर |
| 418 | शाहपुरा (पीठ) | - | रामस्नेही संप्रदाय की अंतरराष्ट्रीय मुख्य शाखा (रामचरण जी महाराज) | शाहपुरा |
| 419 | सिंहथल | - | रामस्नेही संप्रदाय की बीकानेर क्षेत्र की प्रमुख साधना पीठ | बीकानेर |
| 420 | रेण | - | संत दरियाव जी द्वारा स्थापित रामस्नेही संप्रदाय की नागौर पीठ | नागौर |
यहाँ कुल 420 प्रामाणिक प्रविष्टियों के साथ राजस्थान की संपूर्ण ऐतिहासिक विरासत, भौगोलिक उपनामों, दुर्गों, महलों, झीलों, बांधों, लोक-देवताओं, संतों और स्वतंत्रता सेनानियों की उपाधियों का यह महा-कोष पूर्ण होता है। यह संपूर्ण संकलन मरुधरा के इतिहास, भूगोल और संस्कृति को एक नज़र में समझने के लिए संपूर्ण है।
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