हिंदी साहित्य ट्रिक महाग्रंथ
काव्यशास्त्र, भाषा विज्ञान, इतिहास एवं व्याकरण को उँगलियों पर याद रखने का एकमात्र वैज्ञानिक ब्रह्मास्त्र!
"ग्रियर्सन चारण कहत हैं, शुक्ल वीर की गाथ।"
"राहुल सिद्ध-सामंत कहि, नावे नामन माथ॥"
"चारण ग्रियर्सन, बीप विप्र, सिद्ध राहुल, वीर शुक्ल, सामंत मिश्र"
🔹 चारण काल = जॉर्ज ग्रियर्सन
🔹 बीजवपन काल = महावीर प्रसाद द्विवेदी (बीप विप्र)
🔹 सिद्ध-सामंत काल = राहुल सांकृत्यायन
🔹 वीरगाथा काल = आचार्य रामचंद्र शुक्ल
🔹 प्रारंभिक काल = मिश्र बंधु
"राम श्याम और वूलर मिले, मुरारी देवी साथ।"
"रासो को झूठा कहें, कूटत हैं सब हाथ॥"
"राम ने श्याम को बुलंद शहर में डूबा दिया।"
पृथ्वीराज रासो को पूर्णतः अप्रामाणिक मानने वाले विद्वान:
🔹 राम ➔ रामचंद्र शुक्ल
🔹 श्याम ➔ कविराज श्यामलदान
🔹 बुलंद (वूलर) ➔ डॉ. वूलर (जिन्होंने प्रथम रोक की माँग की)
🔹 मुरारी ➔ मुरारिदान
🔹 डूबा (देवी) ➔ मुंशी देवीप्रसाद
"कुंभन सूर परमानंद, कृष्ण विट्ठल के जान।"
"गोविंद छीत चतुर्भुज नंदा, आठों सखा सुजान॥"
• कु: कुंभनदास (1468)
• सु: सूरदास (1478)
• प: परमानंददास (1493)
• कृ: कृष्णदास (1496)
• गो: गोविंदस्वामी (1505)
• छि: छीतस्वामी (1510)
• च: चतुर्भुजदास (1516)
• न: नंददास (1543)
"हंसा गावे चंदायन, लखमसेन मृगा कहुं बात।"
"पद्मावती संग मधुमालती, सूफी प्रेम की रात॥"
"हंस चंदा लख मृगा पद्मा मधु"
1. हंस: हंसावली (1370) - असाइत
2. चंदा: चंदायन (1379) - मुल्ला दाउद
3. लख: लखमसेन पद्मावती कथा (1459) - दामोदर
4. मृगा: मृगावती (1503) - कुतुबन
5. पद्मा: पद्मावत (1540) - मलिक मोहम्मद जायसी
6. मधु: मधुमालती (1545) - मंझन
"केशव जनमे प्रथम ही, मति भूषण की जोरि।"
"देव बोध पद्माकरहिं, रीती बाँधी छोरि॥"
"केबि चिमज बीभू दप बोप"
• के: केशवदास (1555)
• बि: बिहारी (1595)
• चि: चिंतामणि (1609)
• म: मतिराम (1617)
• भू: भूषण (1613)
• द: देव (1673)
• बो: बोधा (1747)
• प: पद्माकर (1753)
"उर्वशी से झरना बहे, आँसू की आवे लहर।"
"कामायनी अंत में सजे, छायावाद के शहर॥"
"उर झक आँसू कमा"
• उर: उर्वशी (1909 ई. - चंपू काव्य)
• झ: झरना (1918 ई. - छायावाद की प्रथम प्रयोगशाला)
• आँसू: आँसू (1925 ई. - विरह स्मृति काव्य)
• क (लहर): लहर (1933 ई.)
• कमा: कामायनी (1935 ई. - 15 सर्गों का महाकाव्य)
"भट्ट लोल्लट पहले भये, शंकुक न्याय प्रवीन।"
"भट्ट नायक भुक्ति दियो, अभिनव गुप्त प्रवीन॥"
"लोशंभु भन" (क्रमवार याद रखें)
• लो (भट्ट लोल्लट): उत्पत्तिवाद / आरोपवाद (मीमांसा दर्शन)
• शं (शंकुक): अनुमितिवाद (न्याय दर्शन)
• भु (भट्ट नायक): भुक्तिवाद / भोगवाद (सांख्य दर्शन - साधारणीकरण के जनक)
• न (अभिनवगुप्त): अभिव्यक्तिवाद (शैव दर्शन)
"कन्नौजी अरु ब्रज मिले, बुंदेली को जान।"
"कोरवी बांहरू संग मिलि, पश्चिमी की पहचान॥"
"कब्रौ बुं को बा"
• क: कन्नौजी
• ब्रौ: ब्रजभाषा (ओकार बहुला)
• बुं: बुंदेली
• को: कोरवी (खड़ी बोली)
• बा: बांगरू (हरियाणवी / जाटू)
"पंत चिदंबरा प्रथम ही, दिनकर उरसी आय।"
"अज्ञेय कितनी नाव में, महादेवी यामा गाय॥"
"पंत दिन अज्ञेय महा" (क्रमशः)
• पंत (1968 ई.): सुमित्रानंदन पंत ➔ चिदंबरा (प्रथम हिंदी ज्ञानपीठ)
• दिन (1972 ई.): रामधारी सिंह 'दिनकर' ➔ उर्वशी
• अज्ञेय (1978 ई.): अज्ञेय ➔ कितनी नावों में कितनी बार
• महा (1982 ई.): महादेवी वर्मा ➔ यामा
"सेवासदन से प्रेमाश्रम, रंगभूमि कायाकल्प सुजान।"
"निर्मला गबन कर्मभूमि गोदान, प्रेमचंद के जान॥"
"सेप्रेरं कानि गगनी"
• से: सेवासदन (1918)
• प्रे: प्रेमाश्रम (1921)
• रं: रंगभूमि (1925)
• का: कायाकल्प (1926)
• नि: निर्मला (1927)
• ग: गबन (1931)
• क (ग): कर्मभूमि (1932)
• नी (न): गोदान (1936)
बावर्ची की रसोई: खुद को जाँचें!
ऊपर दिए गए सूत्रों और कोड्स की सहायता से इन सवालों के सही उत्तर का चयन करें।
'बीजवपन काल' आदिकाल को यह नाम किसने दिया?
'हंस चंदा लख मृगा...' सूफी क्रम में हंसावली का वर्ष क्या है?
पूर्वी हिंदी की तीन बोलियों को याद रखने का क्या सूत्र है?
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