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कापरेन मंशापूर्ण हनुमान मन्दिर काव्य गोष्ठी मे गूंजे श्रृंगार करुण,ओज भरे देश भक्ति के स्वर ....।

बून्दी राजस्थान के कापरेन कस्बे मे दिनांक 26जुलाई  2026 रविवार को गुरुपूर्णिमा महोत्सव के निमित्त गुरुदेव महर्षि वेदव्यास पूजन ओर कारगिल दिवस के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय साहित्य परिषद् कापरेन व हाडीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति समिति रोटेदा एवं मायड़ भासां  साहित्य सिरजण मंच टाकरवाड़ा,बूढादीत की त्रिवेणी संस्थाओं के तत्वाधान में सैनाणी ई पत्रिका के पांचवे आषाढ/जुलाई अंक का लोकार्पण व लगातार छठवीं मासिक काव्य गोष्ठी कापरेन मे जोश्या का खेडा मंशापूर्ण हनुमान मन्दिर पर सम्पन्न हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार चौथमल प्रजापती मार्तण्ड ने की। मुख्य अतिथि युवा समाजसेवी व साहित्य प्रेमी मयंक जैन और विशिष्ट अतिथि मन्दिर  पुजारी शंभू जी शर्मा रहे।

      गोष्ठी का शुभारम्भ कवि लोकेश आजाद ने राजस्थानी भाषा   की सरस्वती वंदना से किया।

बालकवि हनु गौतम ने कृष्ण जन्म की कविता प्रस्तुत की।

    मनीष गौतम ने शहीदो के उपर शानदार काव्यपाठ किया।

   हास्य कवि सत्यप्रकाश गौतम ने .. वाट हमारी लगा गया ये जीके का परचा...छात्रों की पीड़ा को हास्य में प्रस्तुत  किया।कवि पप्पू मेघ ने 'गुरु से जो समर्पण है तो मंजिल पा ही जाओगे पढ़कर दाद पाई। कवि मनीष मेहरा ने 'मूं जूत्ती कौनै थांरा पांव की और पहाडों के घूंघट में घर होहमारा....।रचना प्रस्तुत की। कवि लोकेश आजाद ने "शूर तुम धीर तुम, वीर भी हो तुम ही, तरकश के तीर कमान... वीर रस की कविता से गोष्ठी में जोश भरा आयोजक दीपेश सुमन ने - म्हारा गांव को करसाणों..गीत के माध्यम से किसानों की पीड़ा प्रस्तुत की।हाडीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य अर संस्कृति मंच काव्य कुंज रोटेदा के संस्थापक संरक्षक व सैनाणी राजस्थानी ई पत्रिका प्रधान संपादक वरिष्ठ साहित्यकार देवकी दर्पण ने हरख भर्या मन सूं था झेलो, डाला भरी‌ बधायां सां...

सभी बच्चों के जन्मदिवस निमित्त शानदार बधाई गीत पढ़कर मंगलकामनाओं सहित काव्यगोष्ठी को ऊंचाइयां प्रदान की।

 कवि जसराज सलोना ने..फटे पुराने कपड़ो में ही बीत गई उमरिया....व म्हारा स्याफा की लाज‌ बचाजे री बेटी,कू गेलै मत जा जै...जैसे शानदार गीत पढ़कर गोष्ठी को भावुक कर दिया।अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रीमान चौथमल प्रजापत मार्तण्ड ने -जामण सर की एक नहीं छै ई‌ संसारी में.....कविता पढ़कर गोष्ठी का समापन किया। गोष्ठी का  संचालन व संयोजन कवि दीपेश सुमन सुवासा ने किया।

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