सरवाड़/अजमेर, 21 जनवरी 2026 - प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिंगोनिया में प्रशासनिक मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। माननीय उच्च न्यायालय, जोधपुर, निदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अजमेर द्वारा जारी स्पष्ट कार्यालय आदेशों के बावजूद एक कंप्यूटर आपरेटर की ज्वाइनिंग जानबूझकर नहीं करवाई जा रही है।
*एक माह से मानसिक रूप से परेशान कर्मचारी*
मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के अंतर्गत कार्यरत श्री दिलखुश कीर को जुलाई 2025 में मनमाने तरीके से हटाया गया था। उन्होंने हाई कोर्ट जोधपुर का दरवाजा खटखटाया, जिसमें हाई कोर्ट ने स्टे आर्डर पारित किया। उच्चाधिकारी द्वारा उसकी पालना कर दिलखुश कीर को अपने कार्यस्थान के लिए कार्यमुक्त कर भेजा गया, लेकिन पीएचसी हिंगोनिया में उन्हें ज्वाइनिंग नहीं दी गई।
*उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना*
CMHO अजमेर के आदेश दिनांक 09.12.2025, BCMO सरवाड़ के आदेश दिनांक 16.12.2025 एवं चिकित्सा अधिकारी प्रभारी द्वारा 17.12.2025 को CMHO AJMER से मार्गदर्शन चाहा गया था। CMHO अजमेर से मार्गदर्शन 18 दिसंबर 2025 को विभागीय स्तर से दिलखुश कीर को नियमित रखते हुए कार्यग्रहण कराने हेतु निर्देश प्रदान किया गया है, लेकिन चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. सुवेशा शर्मा द्वारा इन आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
*ग्रामीणों में आक्रोश*
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए तथा कोर्ट व कार्यालय आदेशों की अवहेलना और मानसिक प्रताड़ना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।

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