निर्मल कुटिया के रूहानी माहौल में गूंजे साहित्य के सुर
संस्थापक मानसिंह सुथार ने भेजा शुभकामना संदेश, इकबाल सिंह सहोता के नेतृत्व में आयोजन
सुल्तानपुर लोधी (पंजाब):
पवित्र नगरी सुल्तानपुर लोधी की ऐतिहासिक धरती पर स्थित 'निर्मल कुटिया' में मानसरोवर साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित एक विशेष साहित्यिक समागम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। निर्मल कुटिया के पावन और आध्यात्मिक वातावरण में सजे इस मंच पर साहित्य और रूहानीअत का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसने उपस्थित श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा।
इस अवसर पर मानसरोवर साहित्य अकादमी के संस्थापक मानसिंह सुथार ने विशेष शुभकामना संदेश भेजकर आयोजन की सफलता के लिए सभी को बधाई प्रेषित की। अकादमी के महासचिव इकबाल सिंह सहोता के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। समागम के दौरान अकादमी की अध्यक्ष सिया भारती और निदेशक डॉ. वंदना ठाकुर भी गरिमामयी रूप से मंच पर उपस्थित रहे।
स्थापित व नए रचनाकारों को मिला मंच
समागम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, लेखकों और कवियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान जहाँ स्थापित साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों पर प्रकाश डाला, वहीं उभरते हुए नए लेखकों को भी अपनी काव्य-कला के प्रदर्शन के लिए एक बेहतरीन मंच उपलब्ध कराया गया। उपस्थित बुद्धिजीवियों ने कलम और शब्दों के सम्मान को अक्षुण्ण रखने के अकादमी के इस अनूठे प्रयास की सराहना की।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही मुख्य आकर्षण
समागम में विशेष अतिथि के रूप में बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल उपस्थित रहे। उनके साथ ही प्रसिद्ध गायक भाई भोला यमला और पंजाबी अभिनेता घुल्लेशाह ने भी शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
आभार प्रदर्शन
समागम के अंतिम चरण में अकादमी के प्रबंधकों द्वारा आयोजन में पहुंचे सभी विशिष्ट अतिथियों, रचनाकारों और प्रबुद्ध श्रोताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया गया। साहित्य की सेवा को समर्पित इस गरिमामयी मंच को सादर नमन करते हुए समागम का समापन हुआ।


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