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देवारण्य फाउंडेशन के मंच से गुंजी सीमा नयन की कविताएं, 'मणिकर्णिका' लोकार्पण समारोह बना यादगार

 

​नई दिल्ली: हाल ही में संपन्न हुआ आदरणीया जयति ओझा जी के बहुप्रतीक्षित काव्य संग्रह 'मणिकर्णिका' का लोकार्पण समारोह साहित्य जगत के लिए एक यादगार और भव्य आयोजन सिद्ध हुआ। देवारण्य फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम का संयोजन आदरणीय सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी जी ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध शायर आदरणीय अज़हर इक़बाल साहब ने अपनी विशिष्ट शैली में बखूबी निभाया।

​'मणिकर्णिका' कृति स्त्री के अस्तित्व और उसकी संवेदनाओं पर गहनता से विचार करती है। यह पुस्तक निश्चित रूप से आने वाले समय में साहित्य जगत में एक सशक्त हस्ताक्षर के रूप में स्थापित होगी। कार्यक्रम में पत्रकारिता जगत के दिग्गजों के साथ-साथ आकाशवाणी दिल्ली की अनेक जानी-मानी हस्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

​सीमा नयन के काव्य पाठ ने मोहा मन

इस आयोजन का एक मुख्य आकर्षण कवयित्री सीमा नयन का काव्य पाठ रहा। देश के अनेक नामचीन कवियों के साथ मंच साझा करते हुए, सीमा नयन ने 'मणिकर्णिका' पर आधारित अपनी ग़ज़ल प्रस्तुत की। उनकी ओजस्वी और भावपूर्ण प्रस्तुति को उपस्थित श्रोताओं ने अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना और सराहा। सीमा नयन की ग़ज़ल की पंक्तियों ने कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।

​आयोजकों का आभार

इस खूबसूरत और ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने पर कवयित्री सीमा नयन ने हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने विशेष रूप से आदरणीय सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी जी और जयति ओझा जी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे मंच साहित्य के प्रसार और सृजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम के दौरान खींचे गए छायाचित्र इस गरिमामयी संध्या की जीवंत गवाही दे रहे हैं।

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